अमरोहा | 14 सितंबर 2026
अमरोहा। अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस एवं गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की जयंती के अवसर पर अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में निकाली जा रही गुर्जर समाज की रैली के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब पुलिस और रैली में शामिल लोगों के बीच नोकझोंक हो गई। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हसनपुर सीओ समेत पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
मिहिर भोज जयंती के अवसर पर गुर्जर समाज की ओर से हसनपुर क्षेत्र में रैली का आयोजन किया गया था। रैली में समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रैली के दौरान लोग विभिन्न स्थानों से होते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच पुलिस और रैली में शामिल लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते कहासुनी ने नोकझोंक का रूप ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण दिखाई दी। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया और लोगों को शांत कराया।
रैली की अनुमति को लेकर भाजपा नेता का दावा
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा नेता पिंटू भाटी का बयान भी सामने आया है। पिंटू भाटी का आरोप है कि गुर्जर समाज के लोगों ने रैली निकालने के लिए बाकायदा अनुमति ली थी और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जा रहा था।
उनका कहना है कि रैली के दौरान पुलिस की ओर से कथित तौर पर गलत भाषा का प्रयोग किया गया। इसी बात को लेकर रैली में शामिल लोगों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति पैदा हुई। भाजपा नेता के मुताबिक, अगर पुलिस और रैली के लोगों के बीच बातचीत सामान्य तरीके से होती तो विवाद की स्थिति नहीं बनती।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस आरोप की पुष्टि नहीं की गई है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मौके पर पहुंचा पुलिस बल
नोकझोंक की सूचना के बाद हसनपुर सीओ समेत पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने का प्रयास किया। कुछ समय तक मौके पर लोगों की भीड़ और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के चलते गहमागहमी का माहौल बना रहा।
पुलिस की मौजूदगी में रैली से जुड़े लोगों को शांत रहने की अपील की गई। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई है।
दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग
घटना को लेकर फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे सामने आ रहे हैं। गुर्जर समाज की ओर से रैली को शांतिपूर्ण बताते हुए पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार है।
ऐसे में विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और रैली के दौरान किस बात को लेकर पुलिस व लोगों के बीच नोकझोंक हुई, यह पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
मिहिर भोज जयंती और अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस के अवसर पर आयोजित रैली की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दिखाई दे रही है। इसी दौरान पुलिस और कुछ लोगों के बीच नोकझोंक का मामला भी सामने आया है।
स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। ऐसे में बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस और प्रशासन की ओर से सामने आने वाले बयान के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ होगी।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। वहीं, गुर्जर समाज से जुड़े लोगों और नेताओं की ओर से भी मामले को लेकर अपनी बात रखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस एवं मिहिर भोज जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई इस नोकझोंक ने हसनपुर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को तेज कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस के आधिकारिक बयान और मामले में आगे की कार्रवाई पर है।














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