मेरठ, 23 सितंबर 2026। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। मेरठ कचहरी में ‘बेंच नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई वार्ता में हाईकोर्ट बेंच को लेकर सरकार के रुख से अधिवक्ताओं में नाराजगी बताई जा रही है।
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर पश्चिमी यूपी के 22 जिलों में अधिवक्ता आज न्यायिक कार्य से विरत हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
मेरठ बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला
मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर मेरठ बार एसोसिएशन ने बड़ा ऐलान किया है। बार एसोसिएशन ने BJP सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के कचहरी परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला लिया है।
इसके साथ ही MP-MLA कोर्ट में BJP सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के मामलों की पैरवी नहीं करने की भी घोषणा की गई है।
‘बेंच नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर कचहरी परिसर में ‘बेंच नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए अधिवक्ताओं ने अपनी मांग को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई वार्ता के बाद सरकार के रुख से नाराज अधिवक्ताओं ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। पश्चिमी यूपी के 22 जिलों में न्यायिक कार्य से विरत रहने और मेरठ में सांसदों, विधायकों तथा मंत्रियों के कचहरी प्रवेश पर रोक के फैसले के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
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