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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए देश को रिसर्च, इनोवेशन और स्वदेशी तकनीक पर लगातार काम करना होगा। उन्होंने ट्रोइका फार्मास्यूटिकल्स के संस्थापक रजनीभाई वी. पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने फार्मा कारोबार की जरूरतों को समझते हुए देश में आत्मनिर्भर फार्मास्यूटिकल व्यवस्था खड़ी करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
अमित शाह ने कहा कि जब तक देश में फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की मजबूत व्यवस्था विकसित नहीं होती, तब तक भारत इस क्षेत्र में अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पाएगा।
रिसर्च करने वालों को सम्मान की परंपरा शुरू की
गृह मंत्री के अनुसार, रजनीभाई वी. पटेल ने फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में शोध करने वाले शोधार्थियों और उन्हें सहयोग देने वाले लोगों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू की। इसका उद्देश्य रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहित करना था।
उन्होंने कहा कि रजनीभाई ने रिसर्च के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ-साथ शोधकर्ताओं को फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में स्थापित होने में भी मदद की।
अवॉर्ड सिर्फ राशि नहीं, पहचान और प्रोत्साहन का माध्यम
अमित शाह ने कहा कि इस तरह के पुरस्कारों का महत्व केवल पुरस्कार राशि तक सीमित नहीं है। यह शोधकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन, पहचान और आगे बेहतर काम करने की प्रेरणा का माध्यम है।
उन्होंने विश्वास जताया कि फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा देकर भारत आने वाले समय में इस क्षेत्र में पायनियर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।