कोलंबो, 25 अगस्त। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत दाएं कंधे में चोट लगने के बाद मैदान से बाहर हैं। उनकी गैरमौजूदगी में ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पंत चौथे दिन मैदान पर वापसी कर पाएंगे और फिर से विकेट के पीछे खड़े होंगे?
भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने पंत की स्थिति को लेकर अहम अपडेट दिया है। टीम प्रबंधन उनकी चोट पर लगातार नजर बनाए हुए है और उनकी फिटनेस का आकलन किया जा रहा है।
कैसे लगी ऋषभ पंत को चोट?
दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन ऋषभ पंत ने 63 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए शानदार 112 रन की साझेदारी की।
भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 के स्कोर पर घोषित की। इसके बाद जब श्रीलंका की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल ने संभाली।
जुरेल ने बताया कि पंत के दाएं कंधे पर चोट लगी है और टीम के फिजियो उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। पंत को कंधे में दर्द होने के कारण जुरेल को विकेटकीपिंग करनी पड़ी।
जुरेल ने उम्मीद जताई कि पंत अगले दिन तक फिट हो जाएंगे और विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर लौट सकेंगे।
टीम इंडिया को क्यों है पंत की जरूरत?
ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे महत्वपूर्ण आक्रामक बल्लेबाजों में शामिल हैं। वह विकेटकीपिंग के साथ-साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
श्रीलंका के खिलाफ भी पंत ने 63 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बना रहता है।
ऐसे में अगर पंत विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर नहीं लौटते हैं तो ध्रुव जुरेल को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ सकती है।
हालांकि जुरेल ने पहले ही विकेट के पीछे अपनी क्षमता साबित की है और पंत की अनुपस्थिति में उन्होंने श्रीलंका की पारी के दौरान विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी अच्छी तरह संभाली।
पंत से लगातार सलाह लेते हैं जुरेल
ध्रुव जुरेल ने ऋषभ पंत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पंत ने भारत के लिए इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुश्किल दौरों में शानदार प्रदर्शन किया है। यही वजह है कि जुरेल उनसे लगातार सलाह लेते हैं।
जुरेल के मुताबिक, जब पंत टीम में होते हैं तो वह उनसे पूछते हैं कि मौजूदा स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए। पंत का अनुभव उनके लिए काफी मददगार साबित होता है।
जुरेल ने कहा कि पंत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में काफी कुछ हासिल किया है और उनके अनुभव से सीखना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पंत की आक्रामक बल्लेबाजी से जुरेल को कैसे मिलता है फायदा?
पंत और जुरेल की 112 रन की साझेदारी के दौरान दोनों बल्लेबाजों के खेलने का अंदाज अलग दिखाई दिया। पंत लगातार आक्रामक शॉट खेल रहे थे, जबकि जुरेल परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी कर रहे थे।
जुरेल ने बताया कि पंत के आक्रामक अंदाज के कारण दूसरे छोर पर बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है।
जब पंत लगातार रन बनाते हैं और गेंदबाज पर दबाव डालते हैं तो गेंदबाज अक्सर पंत को रन देने से बचने की कोशिश करता है। इसी दौरान वह गलती कर सकता है और दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज को रन बनाने का मौका मिल जाता है।
जुरेल ने माना कि पंत के साथ बल्लेबाजी करने से उनका अपना बल्लेबाजी दृष्टिकोण भी आसान हो जाता है।
जुरेल ने खुद भी रचा इतिहास
ऋषभ पंत की चोट के बीच ध्रुव जुरेल के लिए दूसरा टेस्ट व्यक्तिगत रूप से बेहद खास रहा। उन्होंने शानदार शतक लगाकर इतिहास रच दिया।
जुरेल श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट में नंबर-7 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने। उनसे पहले यह उपलब्धि हार्दिक पांड्या ने हासिल की थी।
जुरेल की इस पारी ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय टीम के पास विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में मजबूत विकल्प मौजूद है।
क्या चौथे दिन विकेटकीपिंग करेंगे पंत?
अब सभी की नजर पंत की फिटनेस पर है। टीम प्रबंधन उनकी चोट की गंभीरता को देखते हुए ही अंतिम फैसला करेगा।
पंत का मैदान पर लौटना भारत के लिए दोहरी राहत होगी, क्योंकि वह विकेटकीपिंग के साथ निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर, अगर उन्हें आराम दिया जाता है तो ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी जारी रखनी पड़ सकती है।
फिलहाल टीम इंडिया की उम्मीद यही है कि पंत की चोट गंभीर न हो और वह जल्द मैदान पर वापसी करें।














Leave a Reply