श्रीनगर/अनंतनाग। जम्मू-कश्मीर की रेल कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जुड़ गया है। कश्मीर घाटी में पहली मालगाड़ी के पहुंचने के साथ ही क्षेत्र को देश के व्यापक माल ढुलाई नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अगस्त 2025 में पंजाब से पहली लोडेड मालगाड़ी अनंतनाग पहुंची थी। इसके बाद जनवरी 2026 में 42 वैगन वाली पहली पूर्ण मालगाड़ी 2,768 मीट्रिक टन चावल लेकर अनंतनाग पहुंची।
यह उपलब्धि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) के जरिए कश्मीर घाटी में सालभर रेल संपर्क मजबूत होने का परिणाम है। इससे खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को अधिक सुगम बनाने तथा परिवहन लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार, कश्मीर तक रेल पहुंचने से खाद्यान्न, सीमेंट, उर्वरक, नमक और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति को भी बढ़ावा मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में USBRL परियोजना को पूरा कर कश्मीर को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ना एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्धि के रूप में सामने आया है। हालांकि, यह कहना कि इससे पहले 50 वर्षों में कोई रेल माल ढुलाई संभव नहीं थी, सही नहीं होगा; इसलिए राजनीतिक दावे और तथ्यात्मक उपलब्धि को अलग-अलग रखना जरूरी है।
रेल संपर्क के विस्तार से कश्मीर घाटी में व्यापार, पर्यटन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को गति मिलने की उम्मीद है। रेलवे के इस विस्तार को जम्मू-कश्मीर की आर्थिक और परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।














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