दिल्ली, 11 अगस्त : कांग्रेस ने नीट पेपर-लीक विवाद से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान बिहार में छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए इस कथित कार्रवाई का आदेश देने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
बिहार के छह शहरों में पार्टी की फैक्ट-फाइंडिंग (तथ्यों की जांच) टीम ने सोमवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि कांग्रेस ने छह फैक्ट-फाइंडिंग टीमें बनाई थीं, जिन्होंने एक और दो अगस्त को पटना, जहानाबाद, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और सिवान का दौरा किया। इन टीमों ने छात्रों, युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित पुलिस कार्रवाई किस वजह से हुई और इसके आदेश के लिए कौन जिम्मेदार था।
श्री अल्लावरु ने आरोप लगाया कि युवा प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग भी की गयीऔर दावा किया कि कई युवाओं को गोली लगी। सिवान की स्थिति का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि छात्रों और युवाओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने अधिकारों के लिए विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ इतना बल प्रयोग क्यों किया गया।
सिवान में फैक्ट-फाइंडिंग टीम का हिस्सा रहे राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरू में जिले में किसी भी तरह की फायरिंग से इनकार किया था, लेकिन बाद में फायरिंग करने के आरोपी पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि तीन युवाओं – आकाश, आरिफ और बुलेट कुमार गौर को गोली लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश के कंधे, आरिफ की गर्दन और गौर के घुटने में गोली मारी गयी।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि गौर अग्निवीर योजना के तहत भर्ती की तैयारी कर रहा था ,जिसे घुटने में चोट लगने के बावजूद लगभग 40 मिनट तक लाठियों से पीटा गया। इस कथित घटना को ‘शर्मनाक’ बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस टीम ने जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और फायरिंग से जुड़े हालात पर जवाब मांगा। उन्होंने घटना के बारे में पुलिस के बयान पर भी सवाल उठाये और स्पष्टीकरण मांगा कि गोलियां किसने चलायी।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान लड़कियों के कथित उत्पीड़न पर भी चिंता जतायी। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों और सादे कपड़ों में आये अज्ञात लोगों ने लड़कियों को माफी मांगने के लिए मजबूर किया।
श्री यादव ने परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक बदलाव की मांग की, जिसमें छात्रों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए संभागीय या जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाना शामिल है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए बेहतर ऑनलाइन शिक्षा सुविधाओं और परीक्षा कैलेंडर को व्यवस्थित रूप से जारी करने की भी मांग की।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने छात्र विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि छात्रों को पैलेट-गन की मार, लाठी-चार्ज, गोलीबारी और आपराधिक मुकदमों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का आर्थिक बोझ भी छात्रों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्रों ने फैक्ट-फाइंडिंग टीम को बताया कि परीक्षा शुल्क घटाकर एक रुपया करने से भी आर्थिक रूप से कमज़ोर उम्मीदवारों को काफी राहत मिलेगी।
कांग्रेस ने कहा कि उसकी फैक्ट-फाइंडिंग कवायद का मकसद प्रभावित छात्रों के अनुभवों को दर्ज करना और कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग के लिए जवाबदेही तय करना था।
बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया , कांग्रेस की फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने लगाया आरोप














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