बांदा 10 अगस्त : उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को दहेज हत्यारोपी पति, सास व ससुर को 10- 10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि वर्ष 2018 को अतर्रा कस्बे की रेलवे क्रॉसिंग के निकट हमीदन की पुत्री परवीन की शादी गिरवां थाना क्षेत्र के तरखरी गांव निवासी हमीद से हुई थी। जहां ससुराल में उसकी पुत्री को दो लाख रुपए नगद और तीन तोला की सोने की चेन के दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। जिसका मुकदमा भी पीड़िता द्वारा दर्ज कराया गया था। जो अब भी भी अदालत में विचाराधीन है। जिसके चलते ससुराली जन परवीन को समझा बुझा कर दबाव डालकर पुनः ससुराल ले गए थे।
उन्होंने बताया कि बाद में 1 मार्च वर्ष 2024 को गिरवां थाने के तरखरी गांव में परवीन की फांसी लगाकर हत्या कर दी गई। सूचना पर पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव का पोस्टमार्टम कराया और घटना की विस्तृत विवेचना तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी अंबुजा त्रिवेदी ने की। जिसके बाद जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर 16 अगस्त वर्ष 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। जहां अभियोजन पक्ष ने 7 साक्ष्य पेश किया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने पक्ष- विपक्ष की दलीलों और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आज दहेज हत्या के आरोप में पति हमीद, सास जौहरा, और ससुर राज अली को 10- 10 वर्ष के कठोर कारावास व 5 – 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।(वार्ता) उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को दहेज हत्यारोपी पति, सास व ससुर को 10- 10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि वर्ष 2018 को अतर्रा कस्बे की रेलवे क्रॉसिंग के निकट हमीदन की पुत्री परवीन की शादी गिरवां थाना क्षेत्र के तरखरी गांव निवासी हमीद से हुई थी। जहां ससुराल में उसकी पुत्री को दो लाख रुपए नगद और तीन तोला की सोने की चेन के दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। जिसका मुकदमा भी पीड़िता द्वारा दर्ज कराया गया था। जो अब भी भी अदालत में विचाराधीन है। जिसके चलते ससुराली जन परवीन को समझा बुझा कर दबाव डालकर पुनः ससुराल ले गए थे।
उन्होंने बताया कि बाद में 1 मार्च वर्ष 2024 को गिरवां थाने के तरखरी गांव में परवीन की फांसी लगाकर हत्या कर दी गई। सूचना पर पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव का पोस्टमार्टम कराया और घटना की विस्तृत विवेचना तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी अंबुजा त्रिवेदी ने की। जिसके बाद जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर 16 अगस्त वर्ष 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। जहां अभियोजन पक्ष ने 7 साक्ष्य पेश किया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने पक्ष- विपक्ष की दलीलों और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आज दहेज हत्या के आरोप में पति हमीद, सास जौहरा, और ससुर राज अली को 10- 10 वर्ष के कठोर कारावास व 5 – 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
बांदा में दहेज हत्या के दोषी पति,सास ससुर को कठोर कारावास की सजा














Leave a Reply