3 अक्टूबर 2026 | Baghpat Wire
नई दिल्ली। चीन से पाकिस्तान द्वारा 5th जेनरेशन एयरक्राफ्ट लेने और उसके पायलटों की ट्रेनिंग को लेकर भारतीय वायुसेना प्रमुख (IAF Chief) ने कहा कि यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है, लेकिन इसे लेकर बहुत अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास पहले भी एयर पावर मौजूद रही है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसका परिणाम सामने आया। उनके मुताबिक किसी भी एयर पावर की प्रभावशीलता में केवल विमान ही नहीं, बल्कि हथियारों का सही इंटीग्रेशन भी बेहद महत्वपूर्ण है।
IAF चीफ ने 5th जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट की जरूरत और भारत के स्वदेशी AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) कार्यक्रम पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत का AMCA प्रोग्राम आगे बढ़ रहा है। हालांकि, यदि इसमें देरी होती है तो भारत को 5th जेनरेशन एयरक्राफ्ट की जरूरत पूरी करने के लिए कहीं और से विमान लेने पर विचार करना होगा।
चीन-पाकिस्तान के 5th जेनरेशन एयरक्राफ्ट पर चिंता
पाकिस्तान द्वारा चीन से 5th जेनरेशन एयरक्राफ्ट लेने और पायलटों को ट्रेनिंग दिए जाने से जुड़े सवाल पर IAF चीफ ने इसे चिंता का विषय माना। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल एयरक्राफ्ट की उपलब्धता को पूरी तस्वीर के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास पहले भी एयर पावर थी, लेकिन ऑपरेशन के दौरान उसका परिणाम देखा गया। उनके अनुसार वेपंस इंटीग्रेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यानी आधुनिक फाइटर जेट के साथ उसके हथियारों, सेंसर और अन्य प्रणालियों का प्रभावी तालमेल भी युद्धक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।
IAF चीफ ने कहा कि भारत 5th जेनरेशन क्षमता के लिए अपने स्वदेशी AMCA प्रोग्राम पर काम कर रहा है। अगर इस कार्यक्रम में देरी होती है तो 5th जेनरेशन एयरक्राफ्ट की जरूरत को पूरा करने के लिए विदेश से विमान लेने की आवश्यकता पड़ सकती है।
रूस ने भी 5th जेनरेशन फाइटर जेट ऑफर किया
भारतीय वायुसेना में घटते स्क्वाड्रन और भविष्य की एयर पावर को लेकर भी IAF चीफ ने स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि दुश्मन देश 5th जेनरेशन की ओर बढ़ रहे हैं और ऐसे में भारत को भी इस गैप को भरना होगा।
उन्होंने स्वदेशी AMCA कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि भारत को अपनी ताकत को और आगे बढ़ाना होगा। इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि रूस ने भी अपने 5th जेनरेशन फाइटर जेट की पेशकश की है, जिस पर रक्षा मंत्रालय (MOD) को विचार करना है।
इससे साफ है कि भारतीय वायुसेना के सामने एक तरफ स्वदेशी 5th जेनरेशन फाइटर प्रोग्राम को आगे बढ़ाने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ मौजूदा और भविष्य की एयर पावर में गैप को कम करने की जरूरत भी बनी हुई है।
तेजस की डिलीवरी में देरी पर पेनल्टी का मुद्दा
तेजस की डिलीवरी में देरी के सवाल पर भी IAF चीफ ने पेनल्टी के फैक्टर को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि डिले के मामलों में केवल निजी क्षेत्र पर ही नहीं, बल्कि सभी संबंधित पक्षों पर पेनल्टी का प्रावधान लागू होता है।
तेजस भारतीय वायुसेना की स्वदेशी लड़ाकू विमान क्षमता से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। ऐसे में इसकी डिलीवरी में देरी और उससे जुड़े अनुबंधीय प्रावधानों का मुद्दा भी वायुसेना की क्षमता निर्माण के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फ्लाई दुबई घटना पर IAF चीफ ने कैप्टन माछर की तारीफ की
फ्लाई दुबई की घटना को लेकर सवाल पूछे जाने पर IAF चीफ ने कैप्टन माछर द्वारा किए गए कार्य को “एक्सेप्शनल” बताया और कहा कि सभी को इस पर गर्व है।
उन्होंने इस घटना से मिले सबक पर भी बात की। IAF चीफ ने कहा कि यह घटना हमारे लिए एक लेसन है। उन्होंने बताया कि संबंधित स्थानों पर भी सिक्योरिटी क्लियरेंस के बाद ही प्रवेश किया जाता है।
डिफेंस फोर्सेस में सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कहा कि यहां काफी क्लॉज और निगरानी व्यवस्था रहती है। सभी एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और किसी गतिविधि के बारे में जानकारी सामने आ जाती है।
अलग ड्रोन फोर्स बनाने से IAF चीफ का इनकार
अलग से ड्रोन फोर्स गठित किए जाने के सवाल पर IAF चीफ ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि ड्रोन पावर भारतीय वायुसेना में दशकों से मौजूद है।
उन्होंने बताया कि लायटरिंग म्युनिशन, UAV, रडार और अन्य एसेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन क्षमताओं को आगे और बेहतर बनाया जा रहा है।
IAF चीफ ने ड्रोन क्षमता को किसी अचानक हुई क्रांतिकारी प्रक्रिया के बजाय एक लगातार विकसित होने वाली प्रक्रिया बताया। उनके अनुसार भारतीय वायुसेना में ड्रोन रिवोल्यूशनरी नहीं, बल्कि इवोल्यूशनरी प्रोसेस में है।
भारतीय वायुसेना के सामने 5th जेनरेशन क्षमता बढ़ाने की चुनौती
IAF चीफ के बयानों से भारतीय वायुसेना के सामने मौजूद कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आते हैं। एक ओर चीन और पाकिस्तान की 5th जेनरेशन एयर पावर से जुड़ी गतिविधियां हैं, वहीं दूसरी ओर भारत अपने स्वदेशी AMCA कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है।
इसके साथ ही स्क्वाड्रन की संख्या, तेजस की डिलीवरी, विदेशी 5th जेनरेशन एयरक्राफ्ट के विकल्प और ड्रोन आधारित क्षमताओं को मजबूत करने जैसे विषय भी वायुसेना की भविष्य की रणनीति का हिस्सा हैं।
IAF चीफ ने स्पष्ट किया कि आधुनिक एयर पावर केवल फाइटर जेट की संख्या से तय नहीं होती। हथियारों का इंटीग्रेशन, UAV, रडार, लायटरिंग म्युनिशन और अन्य एयर कॉम्बैट एसेट्स का तालमेल भी महत्वपूर्ण है। ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में उन्होंने इन क्षमताओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें आगे और बेहतर बनाया जा रहा है।
IAF Chief, Indian Air Force, 5th Generation Fighter Jet, AMCA, Tejas, LCA Tejas, Pakistan, China, Operation Sindoor, Indian Air Force News, Drone Power, Defence News, India Defence
#IAF #IndianAirForce #AMCA #Tejas #5thGenerationFighter #Pakistan #China #OperationSindoor #DefenceNews #IndianDefence