1 अक्टूबर 2026 | Baghpat Wire
तिरुवनंतपुरम: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बुधवार को राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए यूथ कांग्रेस के मार्च के दौरान केरल विश्वविद्यालय के पालियम स्थित छात्रावास के समीप युवा कांग्रेस और एसएफआई समर्थित छात्रों के बीच हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच पथराव, बोतलें और जलती हुई मशालें फेंके जाने की घटनाएं सामने आईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके साथ ही पुलिस ने आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।
इस घटना में कई छात्र, प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई। वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने छात्रावास पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात की और पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया था मार्च
तिरुवनंतपुरम में हुई हिंसा की शुरुआत यूथ कांग्रेस के विरोध मार्च के दौरान हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मार्च निकाल रहे थे। इसी दौरान मार्च के आसपास केरल विश्वविद्यालय के पालियम स्थित छात्रावास के समीप यूथ कांग्रेस और एसएफआई समर्थित छात्रों के बीच टकराव हो गया।
प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई इस झड़प ने राजधानी में तनाव की स्थिति पैदा कर दी।
पथराव, बोतलें और जलती मशालें फेंकी गईं
झड़प के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पथराव किया गया। इसके अलावा बोतलें और जलती हुई मशालें भी फेंकी गईं। हिंसा के दौरान सड़क पर टायर जलाए जाने की घटना भी सामने आई।
स्थिति लगातार बिगड़ने के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों और छात्रों के बीच बढ़ते टकराव को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। हिंसा के दौरान कई लोग घायल हुए, जिनमें छात्र, प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी शामिल हैं।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में घायलों की कुल संख्या और उनकी चोटों की गंभीरता का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
हालात काबू करने के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज
हिंसक झड़प के दौरान स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान कई छात्र और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। वहीं, झड़प में पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने छात्रावास पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात की और पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
मुख्यमंत्री ने बुलाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की आपात बैठक
तिरुवनंतपुरम में हुई हिंसा के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में घटना के बाद की स्थिति और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। घटना के बाद प्रशासन की प्राथमिकता हिंसा पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हिंसा के संबंध में कितने लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है या किसी की गिरफ्तारी हुई है या नहीं।
विपक्ष के नेता ने घायल छात्रों से की मुलाकात
हिंसक झड़प के बाद विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन केरल विश्वविद्यालय के छात्रावास पहुंचे। उन्होंने वहां घायल छात्रों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
इस दौरान उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर उनकी प्रतिक्रिया सामने आई है।
घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। एक ओर मुख्यमंत्री ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेता ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए घायल छात्रों से मुलाकात की।
राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान बिगड़े हालात
तिरुवनंतपुरम में हुई यह घटना राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती को सामने लाती है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए मार्च के दौरान शुरू हुआ टकराव हिंसक झड़प में बदल गया।
दोनों पक्षों के बीच पथराव, बोतलें और जलती मशालें फेंके जाने के साथ सड़क पर टायर जलाने की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
घटना के बाद मुख्यमंत्री द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाना और विपक्ष के नेता का घायल छात्रों से मिलने पहुंचना इस मामले के राजनीतिक महत्व को भी दर्शाता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं और उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। घटना से संबंधित आगे की कार्रवाई और घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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