30 सितंबर 2026 | Baghpat Wire

657 करोड़ रुपये का कथित बैंक घोटाला, करोड़ों की संपत्ति, महंगी विदेश यात्राएं और हर महीने 10 लाख रुपये की रकम। हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े इस मामले में सीबीआई की जांच के दौरान आरोपी ऋभव ऋषि की निजी जिंदगी से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को शादी का भरोसा देकर हर महीने लाखों रुपये दिए। इतना ही नहीं, दिल्ली के द्वारका में उसके लिए करीब 4 करोड़ रुपये का मकान खरीदने की बात भी जांच में सामने आई है।

इस मामले में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब आरोपी की गर्लफ्रेंड ही सीबीआई की मुख्य गवाह बन गई। उसके बयान से आरोपी की कथित महंगी जीवनशैली, विदेश यात्राओं और संपत्ति खरीदने से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं।

हालांकि, यह मामला केवल एक प्रेम संबंध या निजी खर्चों तक सीमित नहीं है। इसकी जांच 657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले से जुड़ी है, जिसमें सरकारी खातों से फर्जी लेनदेन और शेल कंपनियों के जरिए रकम ट्रांसफर करने के आरोप हैं।

गर्लफ्रेंड को हर महीने 10 लाख रुपये देने का आरोप

सीबीआई की जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी ऋभव ऋषि ने अपनी गर्लफ्रेंड को भरोसा दिलाया था कि वह अपनी पत्नी से तलाक लेकर उससे शादी करेंगे। इसके बाद दोनों के बीच संबंध और गहरे हो गए।

आरोप है कि ऋभव ने अपनी गर्लफ्रेंड को आर्थिक रूप से सहयोग देने का वादा किया था। इसके तहत उसे हर महीने 10 लाख रुपये देने की बात सामने आई है। बताया गया है कि अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच महिला को करीब 56 लाख रुपये दिए गए।

महिला ने जांच एजेंसी को अपने संबंधों और आरोपी से मिली आर्थिक मदद के बारे में जानकारी दी। बताया गया है कि उसने डांस से जुड़े अपने काम को छोड़ दिया था और इसके बाद आरोपी से आर्थिक सहायता मिलने लगी थी।

इस मामले में महिला का बयान जांच का अहम हिस्सा बन गया है। उसके जरिए सीबीआई को आरोपी के निजी खर्चों और कथित वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारियां मिली हैं।

गर्लफ्रेंड के लिए द्वारका में खरीदा करीब 4 करोड़ का मकान

इस कथित बैंक घोटाले में सबसे ज्यादा चर्चा दिल्ली के द्वारका में खरीदे गए मकान को लेकर हो रही है। जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड के लिए करीब 4 करोड़ रुपये का मकान खरीदा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, मकान खरीदने के लिए करीब एक लाख रुपये की टोकन राशि दी गई थी। इसके बाद बाकी रकम का भुगतान आरोपी की ओर से किए जाने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी इस संपत्ति की खरीद और इसके लिए इस्तेमाल की गई रकम से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। खास बात यह है कि जिस मामले में सरकारी धन के कथित गबन के आरोप हैं, उसी मामले में आरोपी की निजी संपत्ति और खर्चों को लेकर भी जांच की जा रही है।

हालांकि, मकान की खरीद में इस्तेमाल की गई पूरी रकम के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

दुबई और थाईलैंड समेत विदेश यात्राओं पर खर्च

ऋभव ऋषि और उनकी गर्लफ्रेंड की विदेश यात्राओं का मामला भी जांच के दौरान सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने दुबई और थाईलैंड समेत कई स्थानों की यात्रा की थी।

इन यात्राओं के दौरान महंगे होटलों में ठहरने और आलीशान जीवनशैली पर खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी इन खर्चों और आरोपी की वित्तीय गतिविधियों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।

आरोप है कि आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड पर बड़ी रकम खर्च की। इसमें हर महीने दी जाने वाली आर्थिक सहायता, मकान की खरीद और विदेश यात्राओं पर होने वाला खर्च शामिल है।

इन खुलासों के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आरोपी की कथित आय और उसके खर्चों के बीच क्या संबंध था। हालांकि, इस सवाल का जवाब जांच में सामने आने वाले वित्तीय साक्ष्यों से ही मिल सकेगा।

शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये ट्रांसफर करने का आरोप

657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई सरकारी खातों से हुए लेनदेन और रकम के कथित दुरुपयोग की पड़ताल कर रही है।

जांच में शेल कंपनियों के जरिए आरोपी और उनकी पत्नी के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए जाने के आरोप भी शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी खातों से कथित तौर पर दर्जनों फर्जी लेनदेन किए जाने की बात सामने आई है।

सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर सरकारी धन को किन खातों में भेजा गया और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। इस मामले में वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

कथित घोटाले की रकम और आरोपी की निजी जीवनशैली से जुड़े खुलासों के बीच जांच एजेंसी के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि कहीं इन दोनों के बीच कोई वित्तीय संबंध तो नहीं है।

गर्लफ्रेंड बनी सीबीआई की मुख्य गवाह

इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम आरोपी की गर्लफ्रेंड का सीबीआई का मुख्य गवाह बनना है। महिला के बयान से आरोपी के निजी संबंधों, आर्थिक सहायता और संपत्ति खरीदने से संबंधित जानकारियां जांच एजेंसी तक पहुंची हैं।

महिला के बयान के आधार पर जांच एजेंसी आरोपी के कथित खर्चों और वित्तीय गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

किसी भी आपराधिक मामले में गवाहों के बयान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। हालांकि, इन बयानों की पुष्टि अन्य साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर की जानी आवश्यक होती है।

इस मामले में भी महिला के बयान और उपलब्ध वित्तीय दस्तावेजों की जांच के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल पर भी आरोप

657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल का नाम भी सामने आया है। उनके विभागों से करीब 60.54 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप जुड़ा बताया गया है।

इस मामले में उनकी भूमिका और संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी भी अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही साबित किया जा सकता है।

सीबीआई की जांच का दायरा सरकारी खातों से कथित तौर पर निकाली गई रकम, फर्जी लेनदेन, शेल कंपनियों और संबंधित लोगों की भूमिका तक फैला हुआ है।

657 करोड़ के घोटाले में अब आगे क्या?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और उसकी वसूली को लेकर है। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल, सीबीआई की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। आरोपी की कथित निजी जीवनशैली, गर्लफ्रेंड को दी गई रकम, द्वारका में मकान की खरीद और विदेश यात्राओं से जुड़े खर्च जांच के महत्वपूर्ण विषय हैं।

657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में सामने आए ये खुलासे बताते हैं कि जांच केवल बैंक खातों से रकम निकालने तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित तौर पर उस रकम के इस्तेमाल की भी पड़ताल की जा रही है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में कौन-कौन से वित्तीय साक्ष्य सामने आते हैं और अदालत में आरोपों को किस तरह साबित किया जाता है।

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