प्रकाशन तिथि: 28 सितंबर 2026 | Baghpat Wire

चंडीगढ़: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने विश्वविद्यालय में हुए घटनाक्रम की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कथित तौर पर हथियारबंद बाहरी लोगों की संलिप्तता और उसके बाद बिगड़ी स्थिति के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।

सुनील जाखड़ ने सोमवार, 28 सितंबर को कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच के जरिए यह पता लगाया जाना चाहिए कि कहीं छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हिसाब चुकता करने या पंजाब में तनाव पैदा करने के लिए तो नहीं किया गया। उन्होंने इस मामले में बाहरी और आंतरिक तत्वों की संभावित भूमिका की भी जांच करने की मांग की।

एलपीयू में प्रदर्शन के बाद उठे कई सवाल

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन के बीच कथित तौर पर हथियारबंद बाहरी लोगों की मौजूदगी और उसके बाद स्थिति बिगड़ने को लेकर सुनील जाखड़ ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान आखिर किन लोगों की भूमिका थी।

जाखड़ के मुताबिक, जांच में यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि क्या किसी बाहरी संगठन या राजनीतिक समूह ने छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल अपने हितों के लिए किया। उन्होंने आशंका जताई कि पड़ोसी देश या अन्य देशों में सक्रिय अलगाववादी तत्व भी इस घटनाक्रम में शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, इन संभावित भूमिकाओं को लेकर उन्होंने आशंकाएं व्यक्त की हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

NIA जांच से सामने आ सकती है बाहरी और आंतरिक तत्वों की भूमिका

सुनील जाखड़ ने मांग की कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जाए, ताकि घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल हो सके। उन्होंने कहा कि जांच का दायरा केवल विश्वविद्यालय परिसर में हुई घटनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके पीछे संभावित रूप से सक्रिय बाहरी और आंतरिक ताकतों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में किसी संगठन, राजनीतिक गुट या अन्य तत्व की संलिप्तता सामने आती है, तो उसकी पहचान की जानी चाहिए। साथ ही, जांच के दौरान छात्रों की भावनाओं, उनकी सुरक्षा और उनके भविष्य का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

जाखड़ ने इस बात पर भी जोर दिया कि छात्रों के प्रदर्शन को किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, यदि किसी ने छात्रों की भावनाओं का फायदा उठाकर पंजाब में अशांति पैदा करने की कोशिश की है, तो इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी पर लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने इस घटनाक्रम के संदर्भ में आम आदमी पार्टी (आप) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी से अलग होने वाले नेताओं के प्रति पार्टी राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई करती रही है।

जाखड़ ने इस आरोप के आधार पर एलपीयू में हुए घटनाक्रम की जांच में पंजाब के भीतर सक्रिय किसी राजनीतिक गुट की संभावित भूमिका की पड़ताल करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि कहीं छात्रों के प्रदर्शन को किसी राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए तो इस्तेमाल नहीं किया गया। हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया इस खबर के लिए उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

चुनाव से पहले छात्रों के इस्तेमाल की आशंका

सुनील जाखड़ ने पंजाब में आगामी चुनावों के मद्देनजर इस घटनाक्रम की राजनीतिक पहलू से भी जांच करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं किसी राजनीतिक हित को साधने के लिए छात्रों को आगे तो नहीं किया गया।

उनका कहना है कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और उनकी भावनाओं का इस्तेमाल किसी राजनीतिक लड़ाई में नहीं होना चाहिए। यदि ऐसा हुआ है, तो इसकी पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।

जाखड़ ने यह भी सवाल उठाया कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे से पहले माहौल बिगाड़ने की कोई कोशिश की गई थी। उन्होंने इस आशंका की भी जांच कराने की मांग की है।

यह सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पूरे मामले की पड़ताल जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित राजनीतिक या अन्य साजिश का पता लगाया जा सके।

छात्रों के भविष्य और पंजाब की शांति पर दिया जोर

सुनील जाखड़ ने कहा कि इस पूरे मामले में छात्रों के हितों की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच के दौरान छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया जाए और किसी भी बाहरी या आंतरिक ताकत को उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का अवसर न मिले।

उन्होंने कहा कि यदि किसी ने छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल करके पंजाब में अशांति पैदा करने की कोशिश की है, तो ऐसे लोगों की पहचान की जानी चाहिए।

जाखड़ के अनुसार, जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि एलपीयू में हुए घटनाक्रम के पीछे कौन लोग थे और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक या अन्य उद्देश्य था।

निष्पक्ष जांच की मांग के बीच राजनीतिक आरोपों पर नजर

एलपीयू में छात्रों के प्रदर्शन के बाद सुनील जाखड़ की एनआईए जांच की मांग ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भाजपा नेता ने जहां बाहरी तत्वों और अलगाववादी संगठनों की संभावित भूमिका की जांच की मांग की है, वहीं आम आदमी पार्टी पर भी राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है।

इसके अलावा, उन्होंने आगामी चुनावों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे से पहले संभावित रूप से माहौल बिगाड़ने की आशंका का भी उल्लेख किया है।

फिलहाल, जाखड़ द्वारा उठाए गए सवालों और आशंकाओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर है कि एलपीयू में हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और छात्रों के प्रदर्शन का इस्तेमाल किसी राजनीतिक या अन्य उद्देश्य के लिए किए जाने की स्थिति में जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए।

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