सहारनपुर, 20 सितंबर 2026। खेती में नवाचार के जरिए सहारनपुर की महिलाओं ने मशरूम उत्पादन को रोजगार और कारोबार का जरिया बनाया है। कृषि विज्ञान केंद्र, सहारनपुर से प्रशिक्षण लेकर शुरू हुआ यह प्रयास अब 5 से 6 हजार बैग के उत्पादन तक पहुंच गया है। सालाना कारोबार 15 लाख रुपये से अधिक बताया गया है।
मशरूम उत्पादन की शुरुआत सहारनपुर के एक गांव से हुई। कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने के बाद घर पर महज 2 बैग से मशरूम उत्पादन शुरू किया गया। धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ा और यह काम कारोबार का रूप लेता गया।
12 महिलाओं के समूह ने बढ़ाया रोजगार
इस पहल से 12 महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को जोड़ा गया। समूह के माध्यम से गांव में रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला। महिलाओं ने मशरूम उत्पादन को ग्रामीण स्तर पर आय के नए साधन के रूप में अपनाया।
2 बैग से 5-6 हजार बैग तक का सफर
शुरुआत में सिर्फ 2 बैग से शुरू हुआ मशरूम उत्पादन अब 5 से 6 हजार बैग तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही सालाना कारोबार भी 15 लाख रुपये से अधिक बताया गया है।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए खेती में नए प्रयोग और स्वरोजगार की संभावनाओं को सामने लाती है। प्रशिक्षण लेकर शुरू किया गया छोटा प्रयास अब बड़े स्तर के उत्पादन और कारोबार में बदल गया है।
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