5 सितंबर 2026 | कृषि एवं रोजगार
मेरठ। बदलती कृषि तकनीक के साथ खेती अब केवल पारंपरिक आय का साधन नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, कृषि कौशल और नए प्रयोगों के जरिए युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते तैयार हो रहे हैं।
युवाओं को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें पॉलीहाउस, बेमौसमी सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती और बिना मिट्टी खेती जैसी तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, सेंसर आधारित खेती और कृषि डेटा के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन लेने की संभावनाएं बढ़ी हैं। वहीं, खाद्य प्रसंस्करण और जैविक कीटनाशक निर्माण जैसे कृषि आधारित व्यवसाय युवाओं को गांव और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार शुरू करने का अवसर दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, बाजार की जानकारी और उद्यमिता का मार्गदर्शन मिले, तो खेती को रोजगार और व्यवसाय का मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है।
कृषि में युवाओं के लिए बढ़ते अवसर
- पॉलीहाउस और संरक्षित खेती
- बेमौसमी सब्जी एवं फूल उत्पादन
- हाइड्रोपोनिक्स/बिना मिट्टी खेती
- ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं
- स्मार्ट सिंचाई और सेंसर तकनीक
- खाद्य प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन
- जैविक कृषि इनपुट का निर्माण
- कृषि आधारित स्टार्टअप और स्वरोजगार










Leave a Reply