वाराणसी, 3 सितंबर। स्वाइन फ्लू को लेकर वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वाराणसी और पूर्वांचल में स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि पूर्वांचल की स्थिति राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) जैसी नहीं है और वाराणसी वर्तमान में सुरक्षित स्थिति में है।

डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि वाराणसी में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा बीएचयू में उपलब्ध है। अब तक जिले में छह लोगों में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि आसपास के जिलों से भी कई मरीज इलाज के लिए वाराणसी पहुंच रहे हैं। उपचार मिलने के बाद कई मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

तीन दिन तक बुखार रहे तो कराएं जांच

सीएमओ ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को तीन दिन या उससे अधिक समय तक लगातार बुखार रहता है और इसके साथ गले में खराश अथवा अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लोग चिकित्सकीय सलाह लेने के साथ बीएचयू में स्वाइन फ्लू की जांच करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हर बुखार स्वाइन फ्लू नहीं होता, इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि लगातार बने रहने वाले लक्षणों को गंभीरता से लेना जरूरी है। समय पर जांच होने से बीमारी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर उपचार जल्द शुरू किया जा सकता है।

अस्पतालों में उपचार की पर्याप्त व्यवस्था

डॉ. सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के उपचार के लिए जिले के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल, रामनगर चिकित्सालय और बीएचयू समेत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है।

अस्पतालों में आवश्यक दवाओं के साथ ऑक्सीजन की व्यवस्था और चिकित्सकों की टीमें उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को तैयार रखा गया है।

समय पर जांच और उपचार जरूरी

सीएमओ ने लोगों से अपील की कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने के बजाय चिकित्सक से सलाह लें। विशेष रूप से लगातार बुखार, गले में खराश और अन्य संबंधित लक्षण बने रहने पर जांच कराना उचित है।

उन्होंने कहा कि बीमारी को लेकर अनावश्यक भय पैदा करने की जरूरत नहीं है। लोगों को सामान्य सावधानियों के साथ अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। बीमार होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना और चिकित्सकीय सलाह लेना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मददगार हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि सतर्कता और समय पर उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण है। सीएमओ ने कहा कि वाराणसी में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग मरीजों की जांच, उपचार तथा आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रख रहा है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वाइन फ्लू को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करें और आवश्यकता पड़ने पर जांच कराएं।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट संदेश है कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की नहीं, बल्कि जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।

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