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अमरोहा में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर हाई अलर्ट, ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश

अमरोहा, 3 सितंबर। बरसात के मौसम में जंगलों से वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने की बढ़ती आशंका को देखते हुए अमरोहा जिला प्रशासन ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव दिखाई देने पर लोग घबराने के बजाय वन विभाग को तत्काल सूचना दें।

कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) धीरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वन्यजीव दिखे तो भीड़ न लगाएं

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में तेंदुआ या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर लोग उसे देखने के लिए मौके पर भीड़ न जुटाएं। उन्होंने वन्यजीव की फोटो या वीडियो बनाने, उसे घेरने अथवा उकसाने से भी बचने की अपील की।

प्रशासन का कहना है कि भीड़ के कारण वन्यजीव डर या आक्रामकता में आ सकता है, जिससे इंसानों और जानवर दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है। इसलिए वन्यजीव दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखना और तत्काल वन विभाग को सूचना देना सबसे उचित कदम है।

बारिश में बढ़ता है वन्यजीवों के आबादी में आने का खतरा

अपर जिलाधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में कई स्थानों पर जलभराव होने के कारण वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकल सकते हैं। ऐसे में तेंदुए और अन्य जंगली जानवर खेतों, गांवों और रिहाइशी इलाकों के आसपास दिखाई दे सकते हैं।

उन्होंने जंगल और वन क्षेत्रों से सटे गांवों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर समूह में ही आवागमन करें। खेतों और जंगल के आसपास काम करने वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

गांवों में कराई जाएगी मुनादी

मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से संवेदनशील गांवों में मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर वन्यजीवों से बचाव से संबंधित पोस्टर लगाए जाएंगे। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को बताया जाएगा कि वन्यजीव दिखने की स्थिति में क्या सावधानी बरतनी है और किस प्रकार वन विभाग को सूचना देनी है।

स्कूलों में बच्चों को भी किया जाएगा जागरूक

प्रशासन ने स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बच्चों को वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, जंगल या खेतों के आसपास सावधानी बरतने और किसी वन्यजीव के दिखाई देने पर तुरंत बड़ों अथवा संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के बारे में बताया जाएगा।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वन्यजीव से संबंधित किसी भी सूचना को गंभीरता से लिया जाए और प्रशिक्षित टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाए। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित घटना को समय रहते नियंत्रित करना है।

इंसान और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा पर जोर

प्रशासन ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। समय पर सूचना मिलने से वन विभाग की टीम सुरक्षित तरीके से वन्यजीव को आबादी वाले क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर सकती है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने या उन्हें पकड़ने की कोशिश न करें। सतर्कता, जागरूकता और समय पर सूचना ही मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा का सबसे प्रभावी तरीका है।

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