अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया है। मिश्रा भारतीय वायुसेना के पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रह चुके हैं और Operation Sindoor के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से तीन उम्मीदवारों को अंतिम सूची में शामिल किया गया था, जिसके बाद जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।
5,585 आवेदनों से तीन नाम तक पहुंची चयन प्रक्रिया
CEO के चयन के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में सर्च कमेटी बनाई गई थी। इसमें सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल थे।
कमेटी ने नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन अनुभव, ईमानदारी और भविष्य की दृष्टि जैसे मानकों के आधार पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया। अधिकारियों के मुताबिक चयन प्रक्रिया में AI आधारित स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल मूल्यांकन भी किया गया।
5,585 आवेदनों में से 3,577 उम्मीदवारों ने मूल्यांकन के लिए आवश्यक विवरण प्रस्तुत किए। इसके बाद 470 या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले 108 उम्मीदवारों को वर्चुअल बातचीत के लिए चुना गया। अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों का 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में व्यक्तिगत साक्षात्कार हुआ।
Operation Sindoor में निभाई अहम भूमिका
62 वर्षीय जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के रहने वाले हैं। उन्हें Operation Sindoor में उनकी भूमिका के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल भी मिल चुके हैं।
मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन हुए थे। करीब 39 वर्षों की सेवा के बाद वह 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव हासिल किया और फाइटर स्क्वाड्रन तथा दो प्रमुख एयरबेस की कमान संभाली।
वह Aircraft and Systems Testing Establishment (ASTE) के कमांडेंट भी रहे। इसके अलावा एयर मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और Western Air Command संभालने से पहले Deputy Chief of Integrated Defence Staff (Operations) की जिम्मेदारी निभाई।
गोविंद देव गिरि बने नए महासचिव
अयोध्या में हुई ट्रस्ट की बैठक में गोविंद देव गिरि को नया महासचिव नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष थे। महेश भगचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
बैठक में अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के भगचंदका और शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव को नए ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया।
अयोध्या को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनाने का लक्ष्य
गोविंद देव गिरि ने कहा कि ट्रस्ट अयोध्या को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लक्ष्य पर काम करेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट संयुक्त CEO या Deputy CEO की नियुक्ति भी कर सकता है। CEO की जिम्मेदारियों और अधिकारों को स्पष्ट करने के लिए एक SOP तैयार की जाएगी।
ट्रस्ट की नई व्यवस्था ऐसे समय में सामने आई है, जब मंदिर से जुड़े दान की कथित हेराफेरी को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी और तत्कालीन महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हुई थी।