गॉल, 25 अगस्त। भारतीय क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजी के एक नए दौर की दस्तक सुनाई देने लगी है। रविचंद्रन अश्विन के संन्यास और रविंद्र जडेजा के करियर के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ने के बीच राजस्थान के 24 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में ऐसी गेंदबाजी की, जिसने उन्हें भविष्य के संभावित स्पिन लीडर के रूप में चर्चा में ला दिया है।
गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया। इस जीत में मानव सुथार की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट झटके। पहली पारी में चार विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में उन्होंने छह बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। खास बात यह रही कि मुकाबले के निर्णायक दौर में उन्होंने दबाव के बीच अपनी गेंदबाजी से श्रीलंका की आखिरी उम्मीदों को भी खत्म कर दिया।
एक ओवर ने बदल दिया मैच का रुख
मैच के अंतिम चरण में भारतीय कप्तान शुभमन गिल की चिंता बढ़ रही थी। गॉल में बादल तेजी से घिर रहे थे और श्रीलंकाई बल्लेबाज अप्रत्याशित रूप से संघर्ष कर रहे थे। पुरानी कूकाबूरा गेंद भी गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं दे रही थी।
ऐसे समय में मानव सुथार ने अपनी स्पिन का जादू दिखाया।
अपने स्पेल के सातवें ओवर में सुथार ने सोनल दिनुषा को लेग-साइड के रफ क्षेत्र से अतिरिक्त उछाल देकर फंसाया। गेंद ध्रुव जुरेल के हाथों में पहुंची और भारत को अहम विकेट मिला। इसके बाद सुथार ने इसी ओवर की बाकी गेंदों में प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा को भी आउट कर दिया।
एक ही ओवर में तीन विकेट लेकर उन्होंने श्रीलंका की चुनौती को निर्णायक रूप से खत्म कर दिया। इसके बाद भारत की जीत लगभग तय हो गई।
अश्विन-जडेजा के बाद नई उम्मीद
भारतीय टेस्ट टीम लंबे समय तक रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की शानदार स्पिन जोड़ी पर निर्भर रही है। अश्विन अपनी ऑफ स्पिन, विविधता और बल्लेबाजों को पढ़ने की क्षमता के लिए जाने गए, जबकि जडेजा ने अपनी तेज और सटीक बाएं हाथ की स्पिन से दुनिया के बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया।
अब अश्विन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा हो चुके हैं और जडेजा भी अपने शानदार करियर के अंतिम दौर में हैं। ऐसे में भारत को स्पिन विभाग में अगली पीढ़ी के गेंदबाजों की जरूरत है।
मानव सुथार ने अभी सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन बताता है कि वह आने वाले वर्षों में भारत के स्पिन आक्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।
जडेजा से अलग है सुथार का अंदाज
मानव सुथार की गेंदबाजी में स्वाभाविक विविधता दिखाई देती है। उनका रन-अप सहज है और गेंद छोड़ते समय उनका हाथ काफी ऊंचाई पर रहता है। उनकी गेंद अक्सर बल्लेबाज की आंखों की लाइन से ऊपर से आती है, जिससे बल्लेबाज को शॉट खेलने से पहले अतिरिक्त समय का इंतजार करना पड़ता है।
इसके उलट रविंद्र जडेजा तेज गति से गेंद को बल्लेबाज तक पहुंचाते हैं और बल्लेबाज को गलती करने के लिए मजबूर करते हैं।
यही अंतर दोनों बाएं हाथ के स्पिनरों को एक साथ गेंदबाजी करते समय बेहद प्रभावी बना सकता है। एक गेंदबाज गति से दबाव बनाता है तो दूसरा गेंद को हवा में तैराकर बल्लेबाज को असमंजस में डाल सकता है।
मैदान पर उतरने से पहले की गई खास तैयारी
सुथार की सफलता सिर्फ उनकी प्राकृतिक प्रतिभा का परिणाम नहीं है। उनके खेल में तैयारी और योजना की भी बड़ी भूमिका दिखाई देती है।
श्रीलंका दौरे से पहले सुथार ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पूर्व भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर सुनील जोशी के साथ विशेष ट्रेनिंग की। इस दौरान उनके रन-अप को बेहतर बनाने पर काम किया गया।
इसके अलावा उन्हें कूकाबूरा गेंद से गेंदबाजी का अभ्यास कराया गया, क्योंकि श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट में इसी तरह की गेंद का इस्तेमाल होता है। गॉल जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए खुले मैदान में गेंदबाजी के दौरान हवा के प्रभाव और गेंद के ड्रिफ्ट पर भी काम किया गया।
समुद्री हवाओं के कारण गॉल में गेंद को हवा में मूव कराने की क्षमता स्पिनरों के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। सुथार की तैयारी में इस पहलू को भी शामिल किया गया।
काउंटी क्रिकेट ने भी दिया फायदा
श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम प्रबंधन ने सुथार को लेकर एक रणनीतिक फैसला किया। जब भारत ने टेस्ट सीरीज से पहले श्रीलंका का शैडो दौरा किया, तब सुथार को भारत ए टीम में रखा गया था।
हालांकि मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर ने उन्हें काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए भेजने का फैसला किया। इसके पीछे दो प्रमुख कारण थे।
पहला, श्रीलंकाई बल्लेबाजों को सुथार की गेंदबाजी के बारे में ज्यादा डेटा उपलब्ध न हो। दूसरा, इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने से उन्हें ड्यूक्स गेंद से गेंदबाजी का अनुभव मिल सके।
सुथार ने वारविकशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और अलग परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का अनुभव हासिल किया। श्रीलंका पहुंचने के बाद इसका फायदा भी दिखाई दिया।
पहली ही बड़ी परीक्षा में दिखा दम
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में सुथार ने पहली पारी में चार विकेट लिए। इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने छह विकेट लेकर अपना 10 विकेट का आंकड़ा पूरा किया।
श्रीलंका के मुख्य कोच गैरी कर्स्टन भी उनकी प्रतिभा से प्रभावित दिखाई दिए। उन्होंने सुथार को टेस्ट क्रिकेट के लिए शानदार प्रतिभा बताया और उनकी गेंद में उछाल पैदा करने की क्षमता की सराहना की।
कर्स्टन ने यह भी बताया कि वह सुथार को पहले से जानते हैं और उनके व्यवहार तथा क्रिकेट के प्रति सम्मान की भी तारीफ की।
अश्विन के वीडियो देखते हैं सुथार
मानव सुथार के पिता जगदीश सुथार स्थानीय स्कूल में शारीरिक शिक्षा शिक्षक रहे हैं। माना जाता है कि खेल और तैयारी को लेकर अनुशासन की आदत उन्हें परिवार से मिली है।
दिलचस्प बात यह है कि सुथार को रविचंद्रन अश्विन की गेंदबाजी के वीडियो देखना भी पसंद है। अश्विन की गेंदबाजी को करीब से समझने की उनकी दिलचस्पी बताती है कि वह केवल अपनी प्राकृतिक प्रतिभा पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि महान स्पिनरों की तकनीक और सोच से भी सीखना चाहते हैं।
भारत के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अश्विन और जडेजा के बाद स्पिन की कमान कौन संभालेगा। श्रीलंका में 10 विकेट लेकर मानव सुथार ने इस सवाल का एक बेहद दिलचस्प जवाब जरूर सामने रख दिया है।
अभी उनके करियर की शुरुआत है और आगे उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। लेकिन गॉल की इस 10 विकेट वाली सफलता ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि भारत की नई स्पिन पीढ़ी में मानव सुथार का नाम अब नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।














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