वाराणसी, 22 अगस्त 2026। वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक की हत्या के मामले ने सनसनी फैला दी है। छह अगस्त से लापता ईशू कन्नौजिया की हत्या उसके ही तीन परिचितों ने कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने युवक की हत्या के बाद शव के टुकड़े किए और उसे प्लास्टिक के बोरे में भरकर कंपोस्ट/गोबर के गड्ढे में छिपा दिया। मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप, उसके भाई रामकृष्ण उर्फ रामकिशन और उनके मित्र रोहित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पुराने विवाद और बदले की बात सामने आई है।
छह अगस्त को घर से निकला था ईशू
ईशू कन्नौजिया सिगरा थाना क्षेत्र के शिवपुरवा इलाके का रहने वाला था। वह छह अगस्त को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की। रिश्तेदारों और दोस्तों से भी जानकारी जुटाई गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
कई दिन तक पता नहीं चलने के बाद परिजनों ने 17 अगस्त को सिगरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

आखिरी कॉल से पुलिस को मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने ईशू के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। पुलिस के अनुसार ईशू के फोन की आखिरी कॉल उसके दोस्त प्रदीप से जुड़ी मिली।
इसके बाद पुलिस ने प्रदीप से पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ने पर पुलिस के मुताबिक हत्या की पूरी कहानी |
शराब पिलाने के बाद हत्या का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि ईशू और प्रदीप के बीच कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, शराब पीने के दौरान दोनों के बीच मारपीट हुई थी। इसी विवाद के बाद प्रदीप ने कथित तौर पर ईशू से बदला लेने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार छह अगस्त की रात ईशू को बुलाया गया और अगले दिन उसे लहरतारा-महमूरगंज मार्ग के पास रेलवे के पुराने क्वार्टर की ओर ले जाया गया। वहां उसे शराब पिलाने के बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की।
शव के पांच टुकड़े कर बोरे में भरा
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को कई टुकड़ों में काटकर प्लास्टिक के बोरे में रखा गया। इसके बाद शव को लहरतारा क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास बने कंपोस्ट/गोबर के गड्ढे में छिपा दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार रात शव बरामद किया। बरामद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक YouTube से सीखा तरीका
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने शव को छिपाने के तरीके के बारे में इंटरनेट पर जानकारी तलाशने की बात बताई। पुलिस के अनुसार इसी जानकारी के आधार पर शव को बोरे में बंद कर गड्ढे में छिपाने की कोशिश की गई।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
सिगरा पुलिस ने मामले में प्रदीप, रामकृष्ण और रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद शिवपुरवा इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुला हत्याकांड
इस मामले में पुलिस की जांच में मोबाइल कॉल डिटेल, सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज अहम कड़ी बने। लापता युवक की आखिरी गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों की जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस हत्या के पीछे के पूरे घटनाक्रम तथा अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है।














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