बागपत, 10 अगस्त 2026। कांवड़ यात्रा के चलते हरिद्वार से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तक आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों की भारी भीड़ से सड़कें भगवा रंग में रंगी नजर आ रही हैं। हरिद्वार से मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत तक कांवड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
कांवड़ियों के जत्थों में हर उम्र के श्रद्धालु शामिल हैं। हाथों में कांवड़, कंधों पर गंगाजल और जुबां पर ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के साथ श्रद्धालु लंबी दूरी तय कर रहे हैं। कई स्थानों पर कांवड़ मार्ग के दोनों ओर भगवा ध्वज और स्वागत द्वार लगाए गए हैं, जिससे पूरा मार्ग शिवभक्ति के रंग में डूबा दिखाई दे रहा है।
यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया है। बागपत में भारी वाहनों के आवागमन पर पहले से प्रतिबंध लगाए गए हैं और कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ छोटे वाहनों के लिए भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
सड़कों पर लंबा जाम
कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-रुड़की हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। कई जगह वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्कूलों में छुट्टी
कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात और भीड़ को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। गाजियाबाद में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 4 से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि स्कूलों में अवकाश का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।















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