वाराणसी, 11 अगस्त : सावन माह में कांवड़ यात्रा की पवित्रता, सुव्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सक्रिय है। प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने सोमवार को कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
डॉ. मिश्र ने कहा कि कांवड़ मार्गों पर मीट-मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि यात्रा की पवित्रता और धार्मिक वातावरण बनाए रखा जा सके। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी दुकानदारों के लिए अपनी दुकानों के बाहर नेमप्लेट, क्यूआर कोड तथा रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। क्यूआर कोड के माध्यम से ग्राहक दुकानदार की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए भी विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।
राज्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए हाई-टेक व्यवस्था की गई है। पूरे मार्ग पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा निगरानी के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज से वाराणसी तक एक लेन विशेष रूप से कांवड़ यात्रियों के आवागमन के लिए आरक्षित की गई है।
डॉ. मिश्र ने कहा, श्रद्धा जगाई नहीं जाती, श्रद्धा स्वयं जागृत होती है। समाज का प्रत्येक वर्ग कांवड़ यात्रियों की सेवा में जुटा है। सरकार के साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाएं भी भोजन, ठहरने और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। हमारा प्रयास है कि इस वर्ष की कांवड़ यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बने।
सावन में कांवड़ यात्रा की पवित्रता और सुरक्षा के लिए सरकार सख्त : डॉ. दयाशंकर मिश्र














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