September 25, 2026

लखनऊ | 14 सितंबर 2026

उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों के मानदेय को लेकर आम आदमी पार्टी ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश के करीब 58 हजार पंचायत सहायक पिछले कई वर्षों से महज 6,000 रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर काम कर रहे हैं। AAP ने सरकार से पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।

आम आदमी पार्टी की ओर से कहा गया कि आज के समय में 6,000 रुपये मासिक आय में किसी युवा के लिए अपने परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल है। पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पंचायत सहायकों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

6 हजार रुपये में परिवार चलाना मुश्किल: AAP

AAP का कहना है कि पंचायत सहायक गांवों में सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसके बावजूद उन्हें लंबे समय से बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है।

पार्टी ने सवाल उठाया कि 6,000 रुपये प्रति माह में कोई नौजवान अपने परिवार की जरूरतें कैसे पूरी कर सकता है? इसी आधार पर पंचायत सहायकों के मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की मांग की गई है।

30 हजार रुपये मानदेय की मांग

पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह करना शामिल है। AAP ने कहा है कि वह पंचायत सहायकों की मांगों के समर्थन में सड़क से संसद तक आवाज उठाएगी।

पार्टी के मुताबिक पंचायत सहायकों को उनके काम और जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए।

सरकार के सामने बढ़ा दबाव

पंचायत सहायकों के मानदेय का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो सकता है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कर्मचारी और संविदाकर्मी संगठनों की मांगें राजनीतिक दलों के लिए अहम मुद्दा बन सकती हैं।

अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार पंचायत सहायकों की मानदेय बढ़ाने की मांग पर क्या रुख अपनाती है और क्या उनकी मांगों को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने आता है।

PanchayatSahayak #UPPanchayat #AAP #YogiAdityanath #UttarPradesh #PanchayatSahayakSalary #UPNews #PanchayatSahayakDemand

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News