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भूटान में ग्लेशियर फटने पर सुरक्षित निकासी के लिए 11 सितंबर को पुनाखा जोंग में होगा पूर्वाभ्यास

थिम्फू, 11 सितंबर : अचानक बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते जोखिम के बीच भूटान सरकार अपनी आपातकालीन तैयारियों को परखने जा रही है और इसी के तहत 11 सितंबर को ऐतिहासिक पुनाखा जोंग में ग्लेशियर फटने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का बड़ा पूर्वाभ्यास होगा।
इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और निकासी की जांच करना है, जिसमें ग्लेशियर झील फटने से आने वाली बाढ़ (जीएलओएफ) या इसी तरह की आपदा की स्थिति में लोगों को जोंग से निर्धारित सुरक्षित स्थानों तक ले जाना शामिल है। यह मॉक ड्रिल गृह मंत्रालय के तहत स्थानीय शासन और आपदा प्रबंधन विभाग के भूटान रेड क्रॉस सोसाइटी और पुनाखा जोोंगखाग जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित की जायेगी।
पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आयी अचानक बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर इस नियोजित अभ्यास का महत्व और बढ़ जाता है, जहां मौसम की चरम घटनाओं ने व्यापक तबाही मचायी है और अचानक आने वाली बाढ़ व संबंधित आपदाओं के प्रति हिमालयी बस्तियों की संवेदनशीलता पर नयी चिंताएं पैदा कर दी हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इस ड्रिल का मकसद तैयारियों, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और निकासी व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन करना है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति उत्पन्न होने से पहले संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 11 सितंबर का यह अभ्यास केवल एक नियोजित आपातकालीन तैयारी ड्रिल है और कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं है। जनता को सलाह दी गयी है कि वे घबरायें नहीं और न ही अफवाहें या असत्यापित जानकारी फैलायें।
अभ्यास के दौरान पुनाखा जोंग और उसके आसपास यातायात में अस्थायी बदलाव और आवाजाही पर प्रतिबंध की संभावना है। इलाके में आपातकालीन वाहनों और कर्मियों की आवाजाही भी देखी जा सकती है। निवासियों, वाहन चालकों और आगंतुकों से आग्रह किया गया है कि वे अभ्यास के दौरान अधिकारियों एवं यातायात कर्मियों का सहयोग करें और निर्देशों का पालन करें।
इस पूर्वाभ्यास से भूटानी प्रशासन को अचानक आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से ग्लेशियर फटने की घटनाएं बेहद कम समय में भारी तबाही मचाती हैं और निचले इलाकों के समुदायों के लिए गंभीर खतरा बनती हैं।

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