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बागपत में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 455 किलो मावा और 65 किलो पनीर नष्ट

बागपत। रक्षाबंधन से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ खाद्य विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। बागपत में खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में मावा और पनीर को नष्ट कराया। कार्रवाई के दौरान 455 किलो मावा और 65 किलो पनीर नष्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग का अभियान तेज

रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए बाजारों में मिठाइयों, मावा, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों द्वारा मिलावट के खिलाफ जांच अभियान चलाया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, खाद्य विभाग की टीम ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम ने खाद्य पदार्थों की जांच की और संदिग्ध मावा व पनीर को मौके पर नष्ट कराया।

455 किलो मावा और 65 किलो पनीर नष्ट

कार्रवाई के दौरान कुल 455 किलोग्राम मावा और 65 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री नष्ट कराए जाने के बाद मिलावट को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

खाद्य विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना है। विभाग की टीमों द्वारा मावा, पनीर, मिठाई, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए जा सकते हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है।

त्योहार पर मिठाई खरीदते समय बरतें सावधानी

रक्षाबंधन के दौरान मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को भी खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।

ग्राहकों को कोशिश करनी चाहिए कि वे साफ-सफाई रखने वाली और भरोसेमंद दुकानों से ही मिठाई, पनीर और मावा खरीदें। पैक्ड उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारी जरूर देखें।

मिलावट के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई

खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच और कार्रवाई की जाती है। त्योहारों के दौरान ऐसी कार्रवाई और तेज होने की संभावना रहती है।

बागपत में सामने आई इस कार्रवाई ने एक बार फिर त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच की जरूरत को सामने रखा है। लोगों को भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचानी चाहिए।

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