बागपत, 5 सितंबर 2026। पतंगबाजी का शौक कहीं किसी की जिंदगी पर भारी न पड़ जाए, इसे लेकर बागपत पुलिस ने आमजन को जागरूक करते हुए चीनी मांझे के इस्तेमाल से पूरी तरह बचने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है—“पतंग उड़ाएं, जिंदगी नहीं!” पुलिस की अपील ऐसे समय आई है, जब बागपत क्षेत्र में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से हादसों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे पतंग उड़ाने के लिए चीनी मांझे का इस्तेमाल न करें और न ही इसे खरीदें। इसके साथ ही दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई है कि वे चीनी मांझे की बिक्री अथवा उसका भंडारण न करें। यदि कोई व्यक्ति या दुकानदार इसकी अवैध बिक्री या भंडारण करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कुछ मिनटों का शौक, जिंदगी भर का दर्द
पतंगबाजी हमारे यहां मनोरंजन और उत्सव का हिस्सा रही है। बच्चे हों या युवा, आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर हर किसी का मन उत्साहित हो जाता है। लेकिन इसी खुशी के बीच इस्तेमाल होने वाला प्रतिबंधित चीनी मांझा गंभीर खतरा बन सकता है।
सामान्य पतंग की डोर और चीनी मांझे में बड़ा अंतर है। इसकी धार इतनी तेज होती है कि सड़क पर बाइक या स्कूटर से गुजर रहे व्यक्ति को अचानक इसकी चपेट में आने पर गंभीर चोट लग सकती है। गर्दन, चेहरा, हाथ या शरीर के दूसरे हिस्सों पर कट लगने की आशंका रहती है।
बागपत में हाल के दिनों में सामने आई घटनाएं इस खतरे को और गंभीर बनाती हैं। 29 अगस्त की एक रिपोर्ट के मुताबिक खेकड़ा में चीनी मांझे की चपेट में आने से दो लोग घायल हुए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 83 नग अवैध चीनी मांझा बरामद किया था।
हाईवे पर बाइक सवार भी बने निशाना
चीनी मांझे का खतरा केवल पतंग उड़ाने वाले लोगों तक सीमित नहीं है। सड़क पर चलने वाले बाइक सवार और राहगीर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
1 सितंबर को बागपत के दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर चीनी मांझे की चपेट में आने से दो बाइक सवार घायल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार दोनों युवक बाइक से घर लौट रहे थे, तभी सरूरपुर गांव के पास मांझे की चपेट में आने से वे बाइक समेत सड़क पर गिर गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
इन घटनाओं के बाद यह सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है कि कुछ रुपये की पतंगबाजी के लिए किसी राहगीर या बाइक सवार की सुरक्षा को जोखिम में क्यों डाला जाए।
जन्माष्टमी पर भी सामने आया खतरा
हाल ही में खेकड़ा क्षेत्र में जन्माष्टमी के अवसर पर जमकर पतंगबाजी हुई। लेकिन इस दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के कारण 20 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। रिपोर्ट में बताया गया कि कई लोगों को निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ा।
यह आंकड़ा बताता है कि चीनी मांझे का इस्तेमाल केवल एक व्यक्ति के लिए खतरा नहीं है। एक पतंग की डोर सड़क पर किसी भी राहगीर, वाहन चालक या बच्चे के लिए हादसे का कारण बन सकती है।
पक्षियों के लिए भी जानलेवा
चीनी मांझे का खतरा इंसानों तक सीमित नहीं है। आसमान में उड़ने वाले पक्षी भी इसकी चपेट में आते हैं। उड़ान के दौरान मांझा उनके पंखों या शरीर में फंस सकता है, जिससे वे घायल हो सकते हैं।
कई बार पेड़ों और बिजली के तारों में फंसा मांझा लंबे समय तक मौजूद रहता है और बाद में भी लोगों तथा पक्षियों के लिए खतरा बना रहता है। पुलिस और प्रशासन की ओर से समय-समय पर लोगों को ऐसे मांझे से बचने के लिए जागरूक किया जाता रहा है।
दुकानदारों को भी पुलिस की चेतावनी
बागपत पुलिस की अपील केवल पतंग उड़ाने वालों के लिए नहीं है। पुलिस ने दुकानदारों को भी साफ संदेश दिया है कि वे चीनी मांझे की बिक्री और भंडारण से दूर रहें।
पुलिस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति या दुकानदार प्रतिबंधित मांझे की अवैध बिक्री या भंडारण करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी बागपत में पुलिस ने चीनी मांझे की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। अगस्त 2025 में सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नौ नग अवैध चीनी मांझा बरामद किया था।
यानी पुलिस की कार्रवाई केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रही है। अवैध बिक्री और भंडारण के मामलों में कार्रवाई का रिकॉर्ड भी सामने आया है।
माता-पिता भी बच्चों को करें जागरूक
पतंगबाजी के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि हर प्रकार की डोर सुरक्षित नहीं होती। उन्हें सड़क, हाईवे, बिजली की लाइनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों के आसपास पतंग उड़ाने से भी बचना चाहिए।
माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के लिए सुरक्षित और नियमों के अनुरूप पतंगबाजी सुनिश्चित करें। पतंग कटने के बाद सड़क पर दौड़ने की कोशिश भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पुलिस की अपील को गंभीरता से लेने की जरूरत
बागपत पुलिस का संदेश बेहद सीधा है—पतंगबाजी खुशी के लिए है, किसी की जिंदगी खतरे में डालने के लिए नहीं। एक सुरक्षित पतंगबाजी से परिवार की खुशियां बनी रह सकती हैं, जबकि खतरनाक मांझे की एक डोर किसी घर में मातम ला सकती है।
इसलिए लोगों से अपील है कि चीनी मांझा न खरीदें, न बेचें और न इस्तेमाल करें। यदि कहीं इसकी बिक्री या भंडारण की जानकारी मिलती है तो संबंधित पुलिस को सूचना दें। बागपत जिला प्रशासन की वेबसाइट पर पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर भी उपलब्ध कराया गया है।
बागपत पुलिस का संदेश
“पतंग उड़ाएं, जिंदगी नहीं।”
पतंग आसमान में ऊंची उड़नी चाहिए, लेकिन उसकी डोर किसी इंसान की सांसों को न रोके। कुछ घंटों की पतंगबाजी से ज्यादा जरूरी किसी राहगीर की सुरक्षित घर वापसी है। यही वजह है कि बागपत पुलिस ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ पतंगबाजी करने और चीनी मांझे से पूरी तरह दूरी बनाने की अपील की है।














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