खेकड़ा/बागपत। दिल्ली के ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन थाना क्षेत्र में डीएमआरसी सुरक्षा गार्ड पंकज धामा की मौत के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को बड़ा झटका दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश श्रेया अरोड़ा मेहता की अदालत ने सागर, आकाश और प्रिंस को दी गई जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने तीनों आरोपियों को 18 अगस्त 2026 तक संबंधित अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में सरेंडर नहीं करने पर पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है।
यह मामला ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन थाने की एफआईआर संख्या 38/2026 से जुड़ा है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज है। अदालत ने 12 अगस्त को अपने आदेश में कहा कि 21 जून को ड्यूटी सीजेएम द्वारा दी गई जमानत में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ था।
योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 20 जून की सुबह करीब 5:53 बजे की है। बागपत के खेकड़ा निवासी पंकज धामा रात की ड्यूटी पूरी करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर योगा एक्सप्रेस के यात्रियों के एक समूह से उनका विवाद हो गया।
बताया गया कि ट्रेन की जनरल बोगी में चढ़ने और सीट को लेकर धक्का-मुक्की तथा कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर मारपीट हुई और पंकज प्लेटफार्म पर गिर गए।
इसके बाद उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह करीब 7:35 बजे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
पोस्टमार्टम में मिलीं आठ बाहरी चोटें
अदालत के समक्ष पेश किए गए चिकित्सकीय रिकॉर्ड के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान पंकज के शरीर पर आठ बाहरी चोटें मिली थीं। उनके सिर में गंभीर चोट और मस्तिष्क में रक्तस्राव पाया गया।
चिकित्सकीय राय में मौत का कारण सिर पर लगी ब्लंट फोर्स ट्रॉमा से हुआ सेरिब्रल डैमेज बताया गया।
परिवार को सुनवाई का उचित अवसर नहीं मिलने पर अदालत ने जताई आपत्ति
अदालत ने जमानत रद्द करने के आदेश में कहा कि पहली पेशी पर जमानत देते समय मजिस्ट्रेट की ओर से आवश्यक वैधानिक संतुष्टि दर्ज नहीं की गई थी। साथ ही मृतक के परिवार को जमानत की सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया।
अदालत ने वायरल वीडियो के आधार पर हमले की तीव्रता को लेकर तत्काल अंतिम निष्कर्ष निकालना भी उचित नहीं माना।
जमानत रद्द होने से परिवार को राहत
पंकज धामा के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नेताओं ने भी पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की थी। अब तीनों आरोपियों की जमानत रद्द होने के बाद परिवार को राहत मिली है।