गाजियाबाद के इंदिरापुरम में 12वीं की नाबालिग छात्रा से फर्जी पहचान के जरिए दोस्ती, नशीला पदार्थ देने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के शहर गाजियाबाद के संवेदनशील थाना इंदिरापुरम क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक विशेष समुदाय के युवक द्वारा अपनी असली पहचान छिपाकर 12वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा को प्रेम जाल में फंसाने, उसे नशीला पदार्थ देने और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है।
फर्जी पहचान और दोस्ती:
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और हिन्दू संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित छात्रा की मां द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी इंदिरापुरम क्षेत्र के एक स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा है। स्कूल आते-जाते समय आतिश खान नामक युवक ने अपनी असली पहचान छिपाते हुए खुद को ‘आदित्य’ बताया और छात्रा से नजदीकी बढ़ाई।
नशीले पदार्थों का सेवन कराना:
आरोपी की नीयत का शिकार बनी छात्रा को वह धीरे-धीरे खाने-पीने की चीज़ों में सूखा नशा मिलाने लगा। इसके प्रभाव से स्कूल से घर लौटते ही छात्रा अत्यधिक गहरी नींद में सो जाती थी। इस असामान्य व्यवहार पर जब परिजनों को शक हुआ, तो उन्होंने अपनी स्तर पर छानबीन शुरू की।
पीछा करना और अश्लील हरकतें:
जाँच के दौरान परिजनों को पता चला कि आरोपी ‘आदित्य’ (आतिश खान) रोजाना स्कूल के रास्ते में उनकी बेटी का पीछा करता था और मौका पाकर उसके साथ अश्लील हरकतें भी करता था।
धर्म परिवर्तन का दबाव और ब्लैकमेलिंग:
आरोपी पीड़िता को बहला-फुसलाकर या जबरन अपने घर भी ले जाता था। वहाँ वह छात्रा पर दूसरे धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार आचरण करने और विशेष धार्मिक साहित्य पढ़ने का दबाव बनाता था।
जान से मारने की धमकी:
जब पीड़िता के पिता को इस पूरे षड्यंत्र की भनक लगी और उन्होंने आरोपी आतिश खान को कड़ी चेतावनी देते हुए उनकी बेटी से दूर रहने को कहा, तो आरोपी ने पीड़िता के पिता को ही जान से मारने की धमकी दी।
संगठन का हस्तक्षेप:
इस गंभीर घटना से घबराए और आहत परिजनों ने स्थानीय हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया। घटना की पूरी जानकारी मिलने के बाद हिंदू संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बीती रात भारी संख्या में इंदिरापुरम थाने पहुँचे।
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान:
एसीपी सूर्यबली मौर्य ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित पक्ष से प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहनता से जाँच शुरू कर दी है। प्रकरण में जुटाए जा रहे साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।














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