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बेंगलुरु, कर्नाटक: कर्नाटक में सूखे की स्थिति को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने राज्य सरकार के 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
आर. अशोक ने कहा कि राजस्व मंत्री परमेश्वर ने करीब चार महीने बाद कर्नाटक में सूखे की घोषणा की है। सरकार ने 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है, लेकिन भाजपा की मांग है कि राज्य के 175 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा कि कई इलाकों में लोगों के सामने पीने के पानी का संकट है और किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। ऐसे में केवल 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित करना पर्याप्त नहीं है।
किसानों के कर्ज माफी की मांग
आर. अशोक ने किसानों के लिए कर्ज माफी की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। विपक्ष ने मांग की है कि सूखे की स्थिति का व्यापक आकलन कर अधिक से अधिक प्रभावित क्षेत्रों को राहत के दायरे में लाया जाए।