बागपत। छपरौली थाना क्षेत्र के ककौर कलां गांव में बृहस्पतिवार देर रात अब्बास और आसिफ पक्ष के बीच विवाद के बाद जमकर पथराव और फायरिंग हुई। दोनों पक्षों के बीच धारदार हथियार भी चले। घटना में दोनों पक्षों के 13 लोग घायल हो गए। विवाद शांत कराने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव और फायरिंग करने का आरोप है। मामले में पुलिस ने 38 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दिन में शांत हुआ विवाद, रात में फिर भिड़े दोनों पक्ष
बताया गया कि ककौर कलां गांव में बृहस्पतिवार को अब्बास और आसिफ पक्ष के बीच विवाद हुआ था। दिन में लोगों ने किसी तरह मामला शांत करा दिया। देर रात दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों ओर से पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान धारदार हथियार भी चले।
अब्बास पक्ष के अब्बास, आजाद, दाऊद, कौशर, जावेद और सूफियान को गोली के छर्रे लगे। वहीं सैयूब और इश्तयार धारदार हथियार के हमले में घायल हुए। दूसरे पक्ष के आसमोहम्मद की आंख में गोली के छर्रे लगे, जबकि साजिद, आसिफ, समीर और जुनैद धारदार हथियार लगने से घायल हुए।
पुलिस टीम पर भी पथराव और फायरिंग
झगड़े की सूचना मिलने पर छपरौली थाने के एसआई सुनील कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान पुलिस टीम पर भी पथराव और फायरिंग किए जाने का आरोप है। पुलिसकर्मियों ने गलियों में भागकर अपनी जान बचाई।
एसआई के अनुसार, फायरिंग की आवाज सुनकर गांव के लोग भी डर के कारण अपने घरों में दुबक गए। घायलों को अलग-अलग निजी अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया।
38 के खिलाफ मुकदमा, नौ गिरफ्तार
एसआई सुनील कुमार की ओर से मामले में 13 नामजद और 25 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो की जांच कर अन्य आरोपियों की पहचान की। इसके बाद कौशर, इश्तयार, साजिद, समीर, जावेद उर्फ मोना, रोजुद्दीन, आमिर, नईम और अनीस को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
युवती से अभद्रता को लेकर शुरू हुआ विवाद
विवाद की वजह को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग आरोप हैं। आसिफ पक्ष का आरोप है कि अब्बास पक्ष के लोगों ने अभद्रता की और विरोध करने पर उनके परिवार पर हमला किया। वहीं अब्बास पक्ष का आरोप है कि परिवार के लोग घर में टीवी देख रहे थे, तभी आसिफ पक्ष के लोग जबरन दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए और हमला करते हुए फायरिंग की।
एक पक्ष का कहना है कि परिवार की युवती से अभद्रता करने के बाद विवाद शुरू हुआ था।
आरोपियों के घरों पर पुलिस तैनात
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस ने रातभर झगड़े में शामिल युवकों की तलाश में नलकूपों और रिश्तेदारियों में दबिश दी। दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए आरोपियों के घरों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।














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