गाजियाबाद, 15 अगस्त। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) के केंद्रीय जासूसी प्रशिक्षण संस्थान (CDTI), गाजियाबाद में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह और देशभक्ति के माहौल में आयोजित किया गया। समारोह की थीम ‘2047 तक विकसित भारत के लिए युवा शक्ति’ रही। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों तथा संस्थान के परिवारजनों समेत करीब 200 लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीबीएसई की प्रोफेसर एवं निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. प्रज्ञा एम. सिंह तथा विशिष्ट अतिथि शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के संयुक्त निदेशक राम सिंह मौजूद रहे। संस्थान की निदेशक के. स्वर्णांबिका ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
विकसित भारत के लिए युवाओं की भूमिका अहम
संस्थान की निदेशक के. स्वर्णांबिका ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून के प्रति सम्मान, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए मजबूत संस्थानों के साथ-साथ जागरूक, जिम्मेदार और नैतिक मूल्यों से युक्त नागरिकों की भी आवश्यकता है।
विद्यार्थियों ने दी देशभक्ति प्रस्तुतियां
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने शपथ ग्रहण कार्यक्रम और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रज्ञा एम. सिंह ने विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से जुड़ी प्रेरक कहानी साझा करते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया।
नशामुक्त और सुरक्षित समाज पर जोर
विशिष्ट अतिथि राम सिंह ने नशामुक्त विद्यालयों और सुरक्षित समुदायों के निर्माण के लिए विद्यालयों, पुलिस और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए विद्यार्थियों में जागरूकता के साथ पूरे समुदाय की सजगता जरूरी है।
कार्यक्रम में साइबर अपराध, नशीली दवाओं का दुरुपयोग, मानव तस्करी, किशोर अपराध और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों के प्रति युवाओं को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
समारोह का समापन राष्ट्रगान, जलपान, प्रदर्शनी और सामूहिक फोटोग्राफ के साथ हुआ। उप-प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार जोशी ने अतिथियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया।