पंचकूला, 11 अगस्त : रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वैध विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) रखने वाले दिव्यांगजन उपनगरीय खंडों पर चलने वाली ट्रेनों और साधारण यात्री ट्रेनों में दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित अनारक्षित सवारी डिब्बों में यात्रा कर सकेंगे, भले ही उन्हें रेलवे की ओर से किराये में रियायत की सुविधा नहीं दी गई हो।
रेलवे बोर्ड ने कहा कि वर्ष 2026 के वाणिज्य परिपत्र संख्या 11 के तहत पहले वैध यूडीआईडी कार्ड और यात्रा के लिए वैध प्राधिकार रखने वाले दिव्यांगजनों के सामान्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के एसएलआरडी/एलएसएलआरडी सवारी डिब्बों में यात्रा करने के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया था। अब जारी परिशिष्ट में उपनगरीय खंडों पर चलने वाली ट्रेनों और साधारण यात्री ट्रेनों के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई है।
नए निर्देशों के तहत दिव्यांग जनों की दो श्रेणियों को इन चिह्नित डिब्बों में यात्रा के लिए वैध यात्री माना जाएगा।
पहली श्रेणी में वे दिव्यांगजन शामिल हैं, जिन्हें मौजूद दिशा-निर्देशों के अनुसार रियायती किराए की सुविधा दी गई है और जिनके पास निर्धारित प्रारूप में रियायत प्रमाणपत्र या भारतीय रेल द्वारा जारी रेल दिव्यांगजन कार्ड है।
दूसरी श्रेणी में वे दिव्यांगजन शामिल हैं, जिनके पास दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड है, लेकिन जिन्हें रेलवे की ओर से रियायती किराए की सुविधा नहीं दी गई है। ऐसे यात्रियों को भी दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित डिब्बों में यात्रा के लिए वैध यात्री माना जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दोनों श्रेणियों के दिव्यांग यात्रियों को वैध पहचान प्रमाण के रूप में, जैसा लागू हो, यूडीआईडी कार्ड, रेल दिव्यांगजन कार्ड या निर्धारित प्रारूप में रियायत प्रमाणपत्र अपने साथ रखना होगा।
इसके साथ ही यात्रा करने के लिए वैध प्राधिकार, जैसे यात्रा टिकट या सीजन टिकट, रखना भी जरूरी होगा।
रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित इन डिब्बों में यात्रा के लिए अधिकृत नहीं होने के बावजूद यदि कोई अन्य यात्री इनमें यात्रा करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने विशेष रूप से दोहराया है कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड धारक दिव्यांगजनों को चिह्नित डिब्बों में यात्रा की अनुमति देने का अर्थ उन्हें रेल किराये में रियायत देना नहीं है।
जिन यूडीआईडी कार्ड धारकों को रेलवे की रियायती किराया सुविधा प्राप्त नहीं है, उन्हें ट्रेन में चढ़ने से पहले निर्धारित किराया चुकाकर यात्रा के लिए वैध टिकट अथवा अन्य वैध प्राधिकार लेना होगा।
रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित अधिकारियों को इसके अनुरूप आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। यह परिशिष्ट रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन-द्वितीय संजय मनोचा की ओर से जारी किया गया है। )रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वैध विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) रखने वाले दिव्यांगजन उपनगरीय खंडों पर चलने वाली ट्रेनों और साधारण यात्री ट्रेनों में दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित अनारक्षित सवारी डिब्बों में यात्रा कर सकेंगे, भले ही उन्हें रेलवे की ओर से किराये में रियायत की सुविधा नहीं दी गई हो।
रेलवे बोर्ड ने कहा कि वर्ष 2026 के वाणिज्य परिपत्र संख्या 11 के तहत पहले वैध यूडीआईडी कार्ड और यात्रा के लिए वैध प्राधिकार रखने वाले दिव्यांगजनों के सामान्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के एसएलआरडी/एलएसएलआरडी सवारी डिब्बों में यात्रा करने के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया था। अब जारी परिशिष्ट में उपनगरीय खंडों पर चलने वाली ट्रेनों और साधारण यात्री ट्रेनों के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई है।
नए निर्देशों के तहत दिव्यांग जनों की दो श्रेणियों को इन चिह्नित डिब्बों में यात्रा के लिए वैध यात्री माना जाएगा।
पहली श्रेणी में वे दिव्यांगजन शामिल हैं, जिन्हें मौजूद दिशा-निर्देशों के अनुसार रियायती किराए की सुविधा दी गई है और जिनके पास निर्धारित प्रारूप में रियायत प्रमाणपत्र या भारतीय रेल द्वारा जारी रेल दिव्यांगजन कार्ड है।
दूसरी श्रेणी में वे दिव्यांगजन शामिल हैं, जिनके पास दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड है, लेकिन जिन्हें रेलवे की ओर से रियायती किराए की सुविधा नहीं दी गई है। ऐसे यात्रियों को भी दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित डिब्बों में यात्रा के लिए वैध यात्री माना जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दोनों श्रेणियों के दिव्यांग यात्रियों को वैध पहचान प्रमाण के रूप में, जैसा लागू हो, यूडीआईडी कार्ड, रेल दिव्यांगजन कार्ड या निर्धारित प्रारूप में रियायत प्रमाणपत्र अपने साथ रखना होगा।
इसके साथ ही यात्रा करने के लिए वैध प्राधिकार, जैसे यात्रा टिकट या सीजन टिकट, रखना भी जरूरी होगा।
रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित इन डिब्बों में यात्रा के लिए अधिकृत नहीं होने के बावजूद यदि कोई अन्य यात्री इनमें यात्रा करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने विशेष रूप से दोहराया है कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड धारक दिव्यांगजनों को चिह्नित डिब्बों में यात्रा की अनुमति देने का अर्थ उन्हें रेल किराये में रियायत देना नहीं है।
जिन यूडीआईडी कार्ड धारकों को रेलवे की रियायती किराया सुविधा प्राप्त नहीं है, उन्हें ट्रेन में चढ़ने से पहले निर्धारित किराया चुकाकर यात्रा के लिए वैध टिकट अथवा अन्य वैध प्राधिकार लेना होगा।
रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित अधिकारियों को इसके अनुरूप आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। यह परिशिष्ट रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन-द्वितीय संजय मनोचा की ओर से जारी किया गया है।

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