प्रकाशन तिथि: 2 अक्टूबर 2026
स्थान: नई दिल्ली | Baghpat Wire
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन के बाद योगेंद्र यादव ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए साथियों को अलग-अलग थानों में बैठाकर रखा गया है। योगेंद्र यादव के मुताबिक, उन्हें पहले न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और फिर कालिंदी कुंज ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों की हिरासत और दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई को लेकर योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना अंग्रेजों के दौर से करते हुए कहा कि दमन से आंदोलन कमजोर नहीं होते, बल्कि उनका संकल्प और मजबूत होता है।
योगेंद्र यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को रद्द करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने अपने बयान में कहा कि संसद में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो या न हो, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनता का महाभियोग शुरू हो चुका है।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर योगेंद्र यादव ने उठाए सवाल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद योगेंद्र यादव ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके साथियों को अलग-अलग थानों में बैठाकर रखा है।
योगेंद्र यादव ने अपने बयान में बताया कि उन्हें पहले न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी ले जाया गया और उसके बाद कालिंदी कुंज में लाया गया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग स्थानों पर रखे जाने की बात कहते हुए पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
उनके अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में जिस तरह सुरक्षा व्यवस्था की गई और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, उससे ऐसा माहौल बना मानो राजधानी को छावनी में बदल दिया गया हो।
अंग्रेजों के दौर से की पुलिस कार्रवाई की तुलना
योगेंद्र यादव ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर कहा कि दिल्ली को छावनी में बदलकर गिरफ्तारियां करना अंग्रेजों के दौर की याद दिलाता है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि दमन से आंदोलन थकते नहीं हैं, बल्कि उनका संकल्प और मजबूत होता है। उनके इस बयान में पुलिस कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया गया।
जंतर-मंतर पर हुए सत्याग्रह के बाद उनकी यह प्रतिक्रिया प्रदर्शनकारियों की हिरासत और विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आई है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनता के महाभियोग का दावा
योगेंद्र यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखते हुए कहा कि दिल्ली की सड़कों पर उनके खिलाफ जनता का महाभियोग शुरू हो चुका है।
उन्होंने अपने बयान में संसद में महाभियोग की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में यह प्रक्रिया होने दी जाए या नहीं, लेकिन जनता ने सड़कों पर अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है।
उन्होंने ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने की मांग करते हुए इस्तीफा देने को कहा। साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग भी दोहराई।
‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो, SIR रद्द करो’
जंतर-मंतर सत्याग्रह के दौरान उठाई गई प्रमुख मांगों को दोहराते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और एसआईआर प्रक्रिया रद्द की जानी चाहिए।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भाजपा और ज्ञानेश कुमार की कथित जुगलबंदी को देश अब स्वीकार नहीं करेगा। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसे उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान उठाया।
प्रदर्शन से जुड़े अपने संदेश में उन्होंने नारे भी साझा किए। इनमें ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘एसआईआर रद्द करो’ प्रमुख रहे।
‘ज्ञानेश तुमको जाना होगा, नहीं तो रोज धरना होगा’
योगेंद्र यादव ने अपने बयान में आंदोलन को आगे जारी रखने का संकेत देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने नारे के माध्यम से कहा, ‘ज्ञानेश तुमको जाना होगा, नहीं तो रोज धरना होगा।’ इस नारे के जरिए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
उनके बयान से स्पष्ट है कि प्रदर्शनकारी इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने की बात कर रहे हैं। हालांकि, आगे आंदोलन का स्वरूप क्या होगा, इस संबंध में दिए गए बयान में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
जंतर-मंतर सत्याग्रह के बाद हिरासत का मुद्दा चर्चा में
जंतर-मंतर पर आयोजित सत्याग्रह के बाद प्रदर्शनकारियों की हिरासत और उन्हें अलग-अलग थानों में रखे जाने का मुद्दा सामने आया है। योगेंद्र यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलनकारियों को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया।
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियों को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनके मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई से आंदोलनकारियों का संकल्प कमजोर नहीं होगा।
इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर रद्द करने की मांग प्रमुख बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों के रूप में उठाया है।
लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विरोध
जंतर-मंतर सत्याग्रह के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग उठाई गई। योगेंद्र यादव ने अपने बयान में इस विरोध को जनता के महाभियोग का नाम दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच कथित जुगलबंदी को लेकर जनता में नाराजगी है। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों के बयान का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध कराए गए विवरण में नहीं है।
योगेंद्र यादव ने हिरासत में लिए गए साथियों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल किए।
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