नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026 | Baghpat Wire

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का आह्वान किया। हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को बाहरी बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया गया और बसों में भरकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें यह भी नहीं बता रही थी कि हिरासत में लेने के बाद कहां ले जाया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाने के लिए जंतर-मंतर पहुंच रहे थे। लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते वे प्रदर्शन स्थल तक नहीं पहुंच सके। इस दौरान नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के तरीके को लेकर भी सवाल उठे। प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें घसीटते हुए ले गई।

दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी। सेंट्रल दिल्ली के बड़े हिस्से में इंटरनेट सेवाएं बंद होने की जानकारी सामने आई। कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त करती रहीं। वहीं, प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अलग-अलग स्थानों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन से जुड़े संदेशों में ज्ञानेश कुमार पर चुनावी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रही चिंताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह नारा भी दिया कि ज्ञानेश कुमार कहां मिलेंगे, भाजपा के कार्यालय में। इस नारे के जरिए उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

हालांकि, चुनावी अनियमितताओं और वोट चोरी से जुड़े आरोप प्रदर्शनकारियों के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और अन्य लोग अलग-अलग स्थानों से जंतर-मंतर पहुंच रहे थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर रखी थी।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। बाहरी बैरिकेडिंग पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाना शुरू कर दिया।

दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में बसों की व्यवस्था की थी। जहां भी लोगों के समूह एकत्र होते दिखाई दिए, वहां पुलिस ने कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें हिरासत में लेने के बाद यह जानकारी नहीं दी गई कि उन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा है।

इस कार्रवाई के चलते प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्र नहीं हो सके और प्रस्तावित प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

नेहा बोरा को हिरासत में लेने के तरीके पर विवाद

प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने का मामला भी सामने आया। प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें घसीटते हुए हिरासत में लिया।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, नेहा बोरा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध जता रही थीं। इसके बावजूद पुलिस ने उनके साथ सख्ती की। इस घटना को लेकर प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।

नेहा बोरा की तस्वीरों और वीडियो को लेकर भी प्रदर्शनकारियों के बीच चर्चा रही। उनके समर्थकों ने उनके साहस की सराहना की और कहा कि हिरासत में लिए जाने के बावजूद उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना जारी रखा।

हालांकि, घटना का पूरा वीडियो और पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण हिरासत के दौरान हुई पूरी कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।

पुलिस की कार्रवाई के बीच शुरू नहीं हो सका प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। सेंट्रल दिल्ली के कई हिस्सों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। खुली गाड़ियों में हथियारबंद पुलिसकर्मी लगातार गश्त कर रहे थे।

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अलग-अलग समूहों में लोग लगातार पहुंच रहे थे। पुलिस की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारियों को एक स्थान पर बड़ी संख्या में एकत्र न होने दिया जाए।

इसी रणनीति के तहत पुलिस ने बाहरी बैरिकेडिंग पर ही प्रदर्शनकारियों को रोकना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में बसों की व्यवस्था कर हिरासत में लिए गए लोगों को वहां से ले जाया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई के कारण उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन पूरी तरह शुरू नहीं हो सका था और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी थी।

सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट बंद, कई इलाकों में पुलिस की तैनाती

प्रदर्शन के मद्देनजर सेंट्रल दिल्ली के बड़े हिस्से में इंटरनेट सेवा बंद होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा करीब पांच किलोमीटर के दायरे में मेट्रो और बस सेवाएं प्रभावित होने तथा कई दुकानों के बंद रहने की भी खबर है।

इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती के चलते सड़कों पर आम लोगों की आवाजाही काफी कम दिखाई दी। पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त कर रही थीं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही थी।

प्रदर्शनकारियों के पहुंचने और पुलिस की कार्रवाई के बीच पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक असर देखने को मिला। आम नागरिकों के लिए भी आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी रही।

हालांकि, इंटरनेट बंदी और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के प्रभावित होने के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप

प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोककर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। हिरासत में लिए गए लोगों को कहां ले जाया जा रहा है, इसकी जानकारी नहीं दिए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, पुलिस को किसी विशेष कार्रवाई के लिए राजनीतिक नेतृत्व से निर्देश मिलने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मुंबई में भी चुनावी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन

दिल्ली में युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के साथ मुंबई में भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन की जानकारी सामने आई। प्रदर्शन से जुड़े संदेशों में दावा किया गया कि मुंबई में बड़ी संख्या में लोग चुनावी अनियमितताओं के विरोध में सड़कों पर उतर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दोपहर के समय ही बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और शाम तक प्रदर्शन में लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना थी। मुंबई में हुए प्रदर्शन को भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों के विरोध के रूप में पेश किया गया।

हालांकि, मुंबई में प्रदर्शनकारियों की वास्तविक संख्या और प्रदर्शन के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

आगे भी जारी रह सकता है विरोध

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को एक जगह एकत्र होने से रोकने के लिए कार्रवाई की।

प्रदर्शनकारियों ने हिरासत में लिए जाने और नेहा बोरा के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई के सभी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

दिल्ली और मुंबई में चुनावी प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन की खबरों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। आने वाले समय में प्रदर्शनकारियों की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और पुलिस की कार्रवाई को लेकर क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है, इस पर नजर बनी हुई है।

Baghpat Wire इस घटनाक्रम से जुड़ी नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट करेगा।

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