बागपत | 1 अक्टूबर 2026 | Baghpat Wire

बागपत में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी और कर्मचारी बनकर लोगों को पॉलिसी रिन्यू कराने, बोनस दिलाने और लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के 8 आरोपियों को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में आरोपियों के खिलाफ देश के 14 राज्यों में साइबर ठगी की 51 शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में करीब 1.20 करोड़ रुपये की ठगी का मामला दर्ज है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्कॉर्पियो कार, एक यामाहा FZ बाइक, 16 मोबाइल फोन, 7 डेबिट कार्ड, 15 सिम कार्ड और अन्य सामान बरामद किया है। इसके अलावा पुलिस को 19 हजार रुपये नकद भी मिले हैं। आरोपियों पर इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराने का आरोप है।

बागपत पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर करते थे ठगी

बागपत साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी लोगों को इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी या कर्मचारी बनकर फोन करते थे। वे पॉलिसीधारकों को उनकी पुरानी पॉलिसी का रिन्यूअल कराने, बोनस दिलाने और लोन उपलब्ध कराने का लालच देते थे।

आरोपी अपनी बातों में लोगों को फंसाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराते थे। इस तरह वे इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़े लाभ दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करते थे। इनमें मैक्स लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ, एसबीआई लाइफ, टाटा एआईए लाइफ और बजाज लाइफ जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं।

आरोपी लोगों को पॉलिसी रिन्यू कराने और बोनस का लालच देकर अपने विश्वास में लेते थे। इसके बाद उनसे ऑनलाइन माध्यम से रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई जाती थी।

एटीएम से निकालते थे ठगी की रकम, फिर बदल लेते थे मोबाइल नंबर

पुलिस के अनुसार, आरोपी ठगी से प्राप्त रकम को बैंक खातों से एटीएम के माध्यम से निकालते थे। इसके बाद वे अपने मोबाइल नंबर और फोन बदल लेते थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे और पुलिस उन तक आसानी से न पहुंच सके।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के इस तरीके के बारे में जानकारी दी है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया जाता था।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य संपर्कों और साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी जुटा रही है।

14 राज्यों में 51 शिकायतें, 1.20 करोड़ रुपये की ठगी

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 51 शिकायतें दर्ज हैं। ये शिकायतें देश के 14 राज्यों से संबंधित हैं।

पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, इन शिकायतों में लगभग 1.20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का उल्लेख है। शिकायतें मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, झारखंड और उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों से संबंधित हैं।

इससे पता चलता है कि पुलिस की जांच में आरोपियों के खिलाफ कई राज्यों से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन सभी शिकायतों में आरोपियों की भूमिका की पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

एक स्कॉर्पियो, यामाहा बाइक और 16 मोबाइल फोन बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य सामान बरामद किया है। बरामदगी में शामिल सामान इस प्रकार है।

  • एक स्कॉर्पियो कार
  • एक यामाहा FZ बाइक
  • 16 मोबाइल फोन
  • 7 डेबिट कार्ड
  • 4 आधार कार्ड
  • एक पैन कार्ड
  • एक ड्राइविंग लाइसेंस
  • एक पासबुक
  • 15 सिम कार्ड
  • दो गमिंग कार्ड
  • एक प्रेस कार्ड
  • 19 हजार रुपये नकद

इसके अलावा पुलिस ने पीली और सफेद धातु के आभूषण भी बरामद किए हैं। इनमें चेन, बालियां, अंगूठियां, ब्रेसलेट, हाथ का कड़ा और छल्ला शामिल हैं।

पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड से साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी मिलने की संभावना को लेकर भी जांच की जा रही है।

बागपत साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा

इस मामले में थाना साइबर क्राइम बागपत में मुकदमा संख्या 47/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 111(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यू कराने और बोनस दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की गई। पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान बरामद किया।

गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ, शामली और गाजियाबाद के निवासी शामिल

पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में मेरठ, शामली और गाजियाबाद के निवासी शामिल हैं। आरोपियों की शैक्षणिक योग्यता 12वीं से लेकर स्नातक स्तर तक बताई गई है। कुछ आरोपी पहले निजी बैंकों में भी काम कर चुके हैं।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि उनके नेटवर्क और साइबर ठगी के अन्य मामलों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

पुलिस टीम को मिला 25 हजार रुपये का पुरस्कार

बागपत के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराधों की रोकथाम और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की।

आठ आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज शिकायतों और कथित साइबर ठगी के मामलों की भी जांच की जा रही है।

बागपत साइबर क्राइम पुलिस की इस कार्रवाई में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही 51 शिकायतों और करीब 1.20 करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।

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