यरूशलेम, 01 oct 26 । इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण बहादुरी की सराहना की है। उन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की जान बचाने के लिए कैप्टन मच्छार को ‘सच्चा हीरो’ बताया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद करने का मौका दिया। नेतन्याहू के अनुसार, इस साहसिक कार्रवाई से 174 लोगों की जान बची।

उन्होंने लिखा, “मैं असाधारण बहादुरी के लिए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को सलाम करता हूं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने लड़ाई लड़ी, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों एवं क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद की। उन्होंने 174 लोगों की जान बचाई। मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं, वे एक सच्चे हीरो हैं।”

उड़ान के दौरान पायलट पर हुआ हमला

जानकारी के अनुसार, दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और विमान को क्रैश करने का प्रयास किया। हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए और काफी खून बहने के बावजूद उन्होंने स्थिति संभालने की कोशिश जारी रखी।

कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और केबिन क्रू को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का अवसर मिला।

तबूक में हुई आपातकालीन लैंडिंग

घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर आपातकालीन रूप से उतारा गया। इसके बाद घायल कैप्टन का इलाज कराया गया। घटना ने विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कैप्टन मच्छार के साहस और सूझबूझ की प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा की गई सार्वजनिक सराहना के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।