प्रकाशित तिथि: 24 सितंबर 2026
पश्चिमी उत्तर प्रदेश। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा बदलाव सामने आया है। पूर्व सांसद अमीर आलम और उनके बेटे एवं पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। दोनों नेताओं ने 23 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
अमीर आलम और नवाजिश आलम के कांग्रेस में जाने के बाद पश्चिमी यूपी में आजाद समाज पार्टी की दलित-मुस्लिम गठजोड़ की रणनीति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दो प्रमुख नेताओं के पार्टी छोड़ने को पूरे मुस्लिम समाज के राजनीतिक रुख में बदलाव के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी।
18 सितंबर को दिया था आसपा से इस्तीफा
अमीर आलम और नवाजिश आलम ने 18 सितंबर को आजाद समाज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके पांच दिन बाद 23 सितंबर को दोनों ने दिल्ली में कांग्रेस का हाथ थाम लिया।
कांग्रेस में शामिल होने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद मौजूद रहे।
अमीर आलम परिवार करीब डेढ़ साल पहले राष्ट्रीय लोकदल छोड़कर चंद्रशेखर आजाद के साथ आया था। पार्टी छोड़ते समय नवाजिश आलम ने आरोप लगाया कि उनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो रही थीं और मुस्लिम समाज के राजनीतिक हितों को लेकर भी सवाल थे। वहीं, अमीर आलम ने नेतृत्व पर वादे पूरे नहीं करने और संवादहीनता के आरोप लगाए।
चार दशक से पश्चिमी यूपी की राजनीति में सक्रिय हैं अमीर आलम
अमीर आलम का पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में करीब चार दशक लंबा सफर रहा है।
- 1985: थानाभवन विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने।
- 1989: मोरना विधानसभा सीट से चुनाव जीता।
- 1996: दोबारा थानाभवन से विधायक बने।
- उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री रहे।
- समाजवादी पार्टी के टिकट पर कैराना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
- बाद में राज्यसभा भी पहुंचे।
ऐसे में उनका राजनीतिक अनुभव पश्चिमी यूपी की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
नवाजिश आलम भी रह चुके हैं विधायक
अमीर आलम के बेटे नवाजिश आलम ने भी सक्रिय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2012 में वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर बुढ़ाना विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे।
2017 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मीरापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली।
इसके बाद वह राष्ट्रीय लोकदल के रास्ते आजाद समाज पार्टी में पहुंचे और अब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
थानाभवन सीट पर टिकी निगाहें
नवाजिश आलम के कांग्रेस में शामिल होने के बाद थानाभवन विधानसभा सीट को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज है। सियासी गलियारों में उनके 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर थानाभवन से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि 2027 में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन रहता है या दोनों दल अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरते हैं।
यदि गठबंधन बरकरार रहता है तो सीट शेयरिंग के दौरान थानाभवन सीट कांग्रेस के हिस्से में आना भी महत्वपूर्ण होगा।
क्या कमजोर होगा चंद्रशेखर का दलित-मुस्लिम समीकरण?
2024 के लोकसभा चुनाव में नगीना सीट से चंद्रशेखर आजाद की जीत के बाद उनके दलित-मुस्लिम राजनीतिक समीकरण की चर्चा तेज हुई थी। इसके बाद आजाद समाज पार्टी ने पश्चिमी यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश की।
अब अमीर आलम जैसे स्थापित मुस्लिम राजनीतिक परिवार के पार्टी छोड़ने से आसपा के संगठनात्मक विस्तार को लेकर सवाल जरूर उठे हैं।
लेकिन इसका सीधा अर्थ यह नहीं निकाला जा सकता कि पश्चिमी यूपी का पूरा मुस्लिम मतदाता आजाद समाज पार्टी से दूर हो गया है। चुनावी रुख स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवार, गठबंधन और राजनीतिक परिस्थितियों समेत कई कारकों पर निर्भर करता है।
कांग्रेस, सपा और बसपा के लिए भी अहम घटनाक्रम
अमीर आलम और नवाजिश आलम के कांग्रेस में जाने से पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के सामने अपने संगठन और स्थानीय राजनीतिक आधार को मजबूत करने का नया अवसर है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के साथ सीटों और सामाजिक आधार को लेकर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
बसपा के लिए भी पश्चिमी यूपी का राजनीतिक आधार महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों के बीच दलित और मुस्लिम मतदाताओं को लेकर अलग-अलग रणनीतियां 2027 के चुनावी समीकरण का हिस्सा बन सकती हैं।
फिलहाल अमीर आलम और नवाजिश आलम का आसपा छोड़कर कांग्रेस में जाना पश्चिमी यूपी की राजनीति में एक अहम बदलाव है। आने वाले समय में थानाभवन समेत पश्चिमी यूपी की सीटों पर इसका राजनीतिक असर किस रूप में सामने आता है, यह चुनावी गठबंधन और उम्मीदवारों की तस्वीर स्पष्ट होने के बाद ही पता चलेगा।
अमीर आलम, नवाजिश आलम, चंद्रशेखर आजाद, आजाद समाज पार्टी, कांग्रेस, पश्चिमी यूपी, यूपी राजनीति, यूपी विधानसभा चुनाव 2027, थानाभवन, शामली, मुजफ्फरनगर, इमरान मसूद AmirAlam #NawazishAlam #ChandrashekharAzad #AzadSamajParty #Congress #WesternUP #UPPolitics #UPElection2027 #Thanabhawan #Shamli #Muzaffarnagar #HindiNews














Leave a Reply