मेरठ/हस्तिनापुर। दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे नितिन नागर की हत्या के मामले में नामजद आरोपी गोल्डी ने शनिवार को मवाना सीओ कार्यालय पहुंचकर सरेंडर कर दिया। आरोपी के सरेंडर का वीडियो भी सामने आया है। गोल्डी के अचानक पुलिस अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण करने से पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।
जानकारी के मुताबिक, गोल्डी सफेद रंग की कार से मवाना सीओ कार्यालय पहुंचा। इस दौरान उसके कुछ साथी मोबाइल कैमरों से पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करते नजर आए। कार्यालय पहुंचने के बाद आरोपी ने पुलिस के सामने खुद को पेश किया। बताया जा रहा है कि सरेंडर से पहले गोल्डी ने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले में अपनी सफाई दी।
कई दिनों से तलाश में जुटी थीं पुलिस टीमें
नितिन नागर हत्याकांड के बाद से ही हस्तिनापुर पुलिस और एसओजी की टीमें नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस की ओर से आरोपियों की तलाश में कई स्थानों पर कार्रवाई की जा रही थी। इसी बीच गोल्डी ने पुलिस की गिरफ्त में आने के बजाय सीधे मवाना सीओ कार्यालय पहुंचकर कानून के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
गोल्डी के इस तरह पुलिस कार्यालय पहुंचने से सरेंडर का घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है। आरोपी के साथियों द्वारा पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी किए जाने की बात भी सामने आई है।
11 सितंबर को हुई थी नितिन नागर की हत्या
नितिन नागर की 11 सितंबर को हस्तिनापुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नितिन दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। हत्या के बाद परिजनों की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में गोल्डी समेत कई लोगों को नामजद किया गया था।
मामले में पुलिस अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, एक अन्य नामजद आरोपी ऋषभ ने भी अदालत में सरेंडर किया था। अब गोल्डी के पुलिस के सामने पेश होने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी।
सरेंडर से पहले खुद को बताया निर्दोष
गोल्डी ने सरेंडर से पहले जारी किए गए वीडियो में खुद को निर्दोष बताया और मामले को लेकर अपनी ओर से सफाई दी। हालांकि, उसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस पूछताछ और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्याकांड में गोल्डी की वास्तविक भूमिका क्या थी।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर सकती है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को सामने लाने का प्रयास करेगी। साथ ही पुलिस यह भी जांचेगी कि वारदात से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियां क्या थीं तथा अन्य आरोपियों से उसका क्या संबंध था।
पुलिस की निगरानी पर भी उठ रहे सवाल
गोल्डी के कई दिनों तक फरार रहने और इसके बाद अचानक सफेद कार से मवाना सीओ कार्यालय पहुंचकर सरेंडर करने के घटनाक्रम ने पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन सवालों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
अब जांच का अहम हिस्सा यह होगा कि पुलिस पूछताछ में गोल्डी से क्या जानकारी सामने आती है और नितिन नागर हत्याकांड में उसकी भूमिका को लेकर जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती है।
फिलहाल गोल्डी के सरेंडर के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है। सरेंडर का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।
नोट: आरोपी द्वारा खुद को निर्दोष बताए जाने का दावा उसका पक्ष है। इसकी पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।













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