बागपत, 14 सितंबर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने भाजपा नेता सहदेव सिंह के बेटे नीरज की आत्महत्या के मामले में चार आरोपियों सुनीता, विजय, शीशपाल और बबीता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। चारों आरोपी खेकड़ा के आदर्श नगर, पट्टी अहीरान के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शहर के मोहल्ला देशराज निवासी भाजपा के पूर्व मंडल मंत्री सहदेव सिंह ने 21 अगस्त को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे नीरज की शादी गौरीपुर जवाहरनगर गांव निवासी अंजलि से हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद रहने लगा था। आरोप है कि अंजलि अक्सर बिना बताए अपने मायके चली जाती थी, जिससे नीरज मानसिक रूप से परेशान रहता था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि अंजलि की बहन सुनीता, जीजा विपिन, संगीता, मौसेरे भाई जितेंद्र, अभयराम, शीशपाल, गीता और बबीता सहित अन्य लोगों ने नीरज पर घर जमाई बनकर रहने का दबाव बनाया।
आरोप है कि चार अगस्त को ससुराल पक्ष के लोगों ने नीरज के साथ मारपीट की और अंजलि को अपने साथ ले गए। इसके बाद नौ अगस्त की रात नीरज ने अपनी पत्नी से वापस आने के लिए फोन पर बात की, लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया। इसके बाद नीरज ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मामले में नीरज की पत्नी अंजलि समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी सुनीता, विजय, शीशपाल और बबीता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।














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