दुबई, 14 सितंबर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम की ऐतिहासिक जीत का श्रेय खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत, अनुशासन और खुद के लिए तय किए गए ऊंचे मानकों को दिया।
फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने 68 रन और स्मृति मंधाना ने 59 रन की शानदार पारियां खेलकर भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की बल्लेबाजी को दबाव में रखा और पूरी टीम को 72 रन से मात दी।
हरमनप्रीत कौर ने टीम के जज्बे को सराहा
मैच के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अपने लिए कुछ ऊंचे मानक तय किए थे और खिलाड़ियों ने हर मुकाबले में उन मानकों पर खरा उतरने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि टीम को अपनी क्षमता का पूरा अंदाजा था और खिलाड़ियों ने उसी सोच के साथ मैदान पर प्रदर्शन किया। हरमनप्रीत के मुताबिक, पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई, उससे वह बेहद खुश हैं।
कप्तान ने कहा कि फाइनल में 183 रन बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी, खासकर ऐसी पिच पर जहां मुकाबला आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजी आसान नहीं रह गई थी।
शैफाली और स्मृति ने रखी जीत की नींव
भारत की जीत में सलामी जोड़ी शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। दोनों ने शानदार अर्धशतक लगाकर भारतीय पारी को मजबूती दी।
शैफाली ने 68 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने 59 रन बनाकर अपनी क्लास और अनुभव का परिचय दिया।
हरमनप्रीत ने दोनों सलामी बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी बल्लेबाजी ने टीम को वह शुरुआत दी जिसकी फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में जरूरत थी।
उन्होंने खास तौर पर शैफाली की पूरे टूर्नामेंट में जिम्मेदारी लेने की क्षमता की सराहना की। कप्तान के मुताबिक, शैफाली ने बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी योगदान दिया और टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Amol Muzumdar ने बल्लेबाजी और स्पिन अटैक को बताया जीत की कुंजी
भारतीय मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने टीम के बल्लेबाजी प्रदर्शन और तीन प्रमुख स्पिन गेंदबाजों की रणनीति को जीत का बड़ा कारण बताया।
मजूमदार ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान पिचें अपेक्षाकृत धीमी थीं और गेंद काफी टर्न कर रही थी। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा करना और फिर तीन गुणवत्ता वाले स्पिनरों के दम पर उसका बचाव करना टीम की रणनीति थी।
भारतीय गेंदबाजी की अगुवाई श्री चरणी ने की, जिन्होंने 4 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट हासिल किए और श्रीलंका को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया।
शैफाली और स्मृति की जोड़ी ने किया प्रभावित
अमोल मजूमदार ने शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की सलामी जोड़ी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों बल्लेबाजों की शैली एक-दूसरे से अलग है, लेकिन यही अंतर उन्हें एक प्रभावी जोड़ी बनाता है।
शैफाली अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और ताकत से विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाती हैं, जबकि स्मृति अपनी टाइमिंग और शॉट चयन के लिए जानी जाती हैं।
कोच के मुताबिक, दोनों की अलग-अलग शैली एक-दूसरे को अच्छी तरह से पूरक करती है और फाइनल में इसका शानदार उदाहरण देखने को मिला।
श्रीलंका के खिलाफ पुरानी रणनीति पर लौटी टीम
मजूमदार ने बताया कि टीम ने श्रीलंका के खिलाफ अपनी पिछली रणनीतियों की भी समीक्षा की थी। उन्होंने दिसंबर में हुई पांच मैचों की सीरीज के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए श्रीलंका की प्रमुख बल्लेबाज चमारी अटापट्टू के खिलाफ योजना तैयार की।
भारतीय टीम ने उसी रणनीति को फाइनल में लागू किया और उसे सफलतापूर्वक अमल में लाया। मजूमदार ने महत्वपूर्ण समय पर विकेट हासिल करने के लिए दीप्ति शर्मा की भी तारीफ की।
युवा खिलाड़ियों ने भी दिखाया आत्मविश्वास
भारत की ऐतिहासिक जीत में युवा खिलाड़ियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। 18 वर्षीय जी. कमालिनी ने केवल पांच गेंदों में 15 रन बनाकर भारत को अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाने में मदद की। उनकी पारी में एक चौका और एक छक्का शामिल था।
कमालिनी ने कहा कि एशिया कप जीतने का अनुभव उनके लिए अभी भी पूरी तरह विश्वास करने लायक नहीं है। उन्होंने टीम की सीनियर खिलाड़ियों से मानसिक मजबूती और दबाव में शांत रहने की सीख मिलने की बात कही।
उन्होंने बताया कि सीनियर खिलाड़ी शतक बनाने के बाद भी और शून्य पर आउट होने के बाद भी एक जैसा सकारात्मक रवैया बनाए रखती हैं। यह मानसिकता उनके लिए बड़ी सीख रही।
Nandani Sharma ने टीम के सपोर्ट सिस्टम को दिया श्रेय
मध्यम तेज गेंदबाज नंदानी शर्मा के लिए यह भारत के साथ पहला बड़ा टूर्नामेंट था। उन्होंने जीत के बाद टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को अपनी सफलता का श्रेय दिया।
नंदानी ने कहा कि टीम में आत्मविश्वास बहुत ऊंचा था और खिलाड़ियों को पहले से स्पष्ट योजनाएं दी गई थीं। अब उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में भी भारत को जीत दिलाने के लिए अच्छा प्रदर्शन करना है।
उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेने के लिए दीप्ति शर्मा की भी तारीफ की और कहा कि टीम को भरोसा था कि दीप्ति जरूरत के समय विकेट दिला सकती हैं।
Richa Ghosh ने फैंस को दिया जीत का श्रेय
विकेटकीपर-बल्लेबाज रिचा घोष ने भारतीय प्रशंसकों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों ने टीम का उत्साह बढ़ाया और माहौल को यादगार बना दिया।
रिचा के मुताबिक, शुरुआत में गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आ रही थी, लेकिन बाद में पिच धीमी हो गई। भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की और टीम को भरोसा था कि कुछ शुरुआती विकेट मिलने के बाद श्रीलंका को रोका जा सकता है।
Asia Cup जीत के बाद अब Asian Games की तैयारी
भारतीय महिला टीम की नजर अब अगले बड़े टूर्नामेंट एशियन गेम्स पर है। एशिया कप में रिकॉर्ड आठवीं जीत से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
हरमनप्रीत कौर की टीम ने एक बार फिर साबित किया है कि वह दबाव वाले बड़े मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सक्षम है। कप्तान और कोच दोनों ने खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयास को इस ऐतिहासिक सफलता की सबसे बड़ी वजह बताया।
भारत के लिए यह केवल एक और खिताब नहीं, बल्कि उस निरंतरता का प्रमाण है जिसे टीम ने अपने लिए मानक बनाया है—ऊंचे लक्ष्य तय करना और फिर उन्हें मैदान पर हासिल करना।
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