बागपत | जिले के निजी अस्पतालों के लिए अब पंजीकरण और संचालन से जुड़े नियम और सख्त किए गए हैं। जिन अस्पतालों के पंजीकरण का अभी तक नवीनीकरण नहीं हो सका है, उन्हें नए नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करनी होगी। खास बात यह है कि अस्पताल में काम करने वाले पैरामेडिकल स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया गया है।
नए नियमों के लागू होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही यह जानकारी मिल सकेगी कि उनका इलाज किस डॉक्टर द्वारा किया जाएगा और अस्पताल में कौन-कौन सी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
50 बेड वाले अस्पतालों के लिए डिस्प्ले बोर्ड जरूरी
जिले में 80 से अधिक निजी अस्पताल संचालित हैं। नए मानकों के अनुसार 50 बेड वाले अस्पतालों को अपने मुख्य द्वार पर करीब 15 वर्गफीट के पीले बैकग्राउंड वाले डिस्प्ले बोर्ड पर काले अक्षरों में जरूरी जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।
इस बोर्ड पर अस्पताल का पंजीकरण नंबर, संचालक का नाम, बेड की संख्या, चिकित्सकों के नाम और मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की पद्धति जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अस्पताल का पंजीकरण निरस्त किए जाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के दस्तावेज जरूरी
नए मानकों के तहत अस्पताल संचालकों को चिकित्सकों की शैक्षिक योग्यता के प्रमाणपत्र, संचालक का शपथ पत्र, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
फुल टाइम और पार्ट टाइम कार्यरत चिकित्सकों का शपथ पत्र भी आवश्यक होगा। इसके साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ के लिए यूपी पैरामेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (UPSMCII) और HPR पंजीकरण अनिवार्य किए जाने की बात कही गई है।
मरीजों को मिलेंगी बेहतर और पारदर्शी सेवाएं
नए नियमों का उद्देश्य निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। अस्पतालों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित मानकों का पालन करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं।














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