रटौल। मंसूरपुर गांव निवासी एक सिक्योरिटी गार्ड को फेसबुक पर युवती के नाम से फर्जी आईडी बनाकर दोस्ती करना महंगा पड़ गया। आरोप है कि फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए आरोपी ने शादी का झांसा देकर पीड़ित से करीब पांच लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इतना ही नहीं, सोने का मंगलसूत्र भी ठग लिया गया। ठगी का शक होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से मंगलसूत्र बरामद कर लिया।
फेसबुक पर काव्या शर्मा के नाम से भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट
मंसूरपुर निवासी नीरज गाजियाबाद की एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड है। नीरज के मुताबिक करीब पांच महीने पहले फेसबुक पर उसे काव्या शर्मा के नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।
बातचीत धीरे-धीरे बढ़ी तो फेसबुक पर बनी कथित युवती की आईडी से नीरज को शादी का प्रस्ताव भी दिया गया। शादी की बात होने के बाद नीरज को विश्वास हो गया कि वह किसी युवती से ही बातचीत कर रहा है।
ऑडियो कॉल में युवक ने सुनाई युवती के नस काटने की कहानी
आरोप है कि कुछ दिन पहले नीरज के पास काव्या शर्मा की फेसबुक आईडी से ऑडियो कॉल आई। कॉल पर एक युवक ने बातचीत की। युवक ने कथित तौर पर नीरज से कहा कि काव्या शर्मा ने अपने हाथ की नस काट ली है और उसकी हालत गंभीर है।
इसके बाद इलाज और अन्य जरूरतों के नाम पर नीरज से रुपये मांगे गए। पीड़ित के मुताबिक विश्वास में आकर उसने अलग-अलग किस्तों में करीब पांच लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
पांच लाख रुपये और सोने का मंगलसूत्र ठगा
आरोप है कि रुपये लेने के बाद भी ठगी का सिलसिला जारी रहा। इसी दौरान नीरज से सोने का मंगलसूत्र भी लिया गया। बाद में जब नीरज को पूरे मामले पर शक हुआ तो उसने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने आरोपी चिंटू को किया गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंसूरपुर गांव निवासी चिंटू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से ठगी में लिया गया सोने का मंगलसूत्र बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपी से मामले में पूछताछ भी की।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सोशल मीडिया पर दोस्ती करते समय रहें सावधान
यह मामला सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और बातचीत के दौरान होने वाली साइबर ठगी के खतरे को भी सामने लाता है। फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी अनजान व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद यदि कोई व्यक्ति बीमारी, दुर्घटना, शादी या किसी अन्य आपात स्थिति का हवाला देकर अचानक रुपये मांगता है, तो बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या साइबर क्राइम पोर्टल को देनी चाहिए।
#Baghpat #BaghpatNews #Rataul #Mansoorpur #CyberCrime #CyberFraud #FacebookFraud #OnlineFraud #FraudCase #PoliceAction #ChintuArrested #CrimeNews #UPPolice #UttarPradeshNews #SocialMediaFraud