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खेकड़ा में लोन का झांसा देकर 50 ग्रामीणों से 10 लाख की ठगी! पैसे मांगने पर दी मुकदमे में फंसाने की धमकी

खेकड़ा में लोन का झांसा देकर 50 ग्रामीणों से 10 लाख की ठगी! पैसे मांगने पर मुकदमे में फंसाने की धमकी

बागपत। खेकड़ा क्षेत्र के मुबारिकपुर गांव में लोन दिलाने के नाम पर करीब 50 ग्रामीणों से कथित तौर पर लगभग 10 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक महिला ने लोन दिलाने का भरोसा देकर उनसे अलग-अलग रकम ली। काफी समय बीतने के बाद भी जब लोन नहीं मिला और ग्रामीणों ने अपने पैसे वापस मांगे तो कथित तौर पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।

मामला सामने आने के बाद पीड़ित ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने खेकड़ा कोतवाली में तहरीर देकर पूरे मामले की जांच कराने और आरोपित महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

लोन दिलाने के नाम पर लिए रुपये

ग्रामीणों के मुताबिक, महिला ने उन्हें अलग-अलग तरह के लोन दिलाने का भरोसा दिया था। उसके झांसे में आकर मुबारिकपुर गांव के करीब 50 लोगों ने कथित रूप से उसे पैसे दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि उनसे जमा की गई रकम की कुल राशि करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें लोन की रकम मिल जाएगी। लेकिन समय बीतने के बावजूद लोन नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने द्वारा दिए गए पैसे वापस मांगने शुरू किए।

पैसे वापस मांगने पर धमकी देने का आरोप

पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो महिला ने कथित तौर पर उन्हें पैसे लौटाने के बजाय धमकाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई।

मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि उन्होंने भरोसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई दी थी और अब उन्हें रकम वापस मिलने की चिंता सता रही है।

कोतवाली में दी तहरीर

मामले में पीड़ित ग्रामीणों ने खेकड़ा कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराकर उनकी रकम वापस दिलाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस से ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि मामले में लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ग्रामीणों से कितनी रकम ली गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ठगी की रकम, लोन के नाम पर किए गए लेनदेन और धमकी के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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