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प्रधानमंत्री जन धन योजना के 12 साल पूरे, करोड़ों लोगों को बैंकिंग से जोड़ने की बनी मिसाल; यूपी में भी लाखों-करोड़ों लाभार्थी

लखनऊ, 28 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के सफल 12 वर्ष पूरे होने पर देशवासियों को बधाई दी गई। 28 अगस्त 2014 को शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य देश के गरीब, वंचित और बैंकिंग सुविधा से दूर लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना बीते 12 वर्षों में वित्तीय समावेशन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। जन धन खातों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया और उन्हें बचत, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) तथा अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मिली।

गरीब और वंचित वर्ग को मिला बैंकिंग सिस्टम से जुड़ने का अवसर

प्रधानमंत्री जन धन योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य उन लोगों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाना था, जो लंबे समय तक औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रहे। योजना के तहत पात्र लोगों के बैंक खाते खोले गए, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों तक पहुंचाने में भी मदद मिली।

इस पहल ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ गरीब और कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उत्तर प्रदेश में भी योजना का व्यापक असर

उत्तर प्रदेश में भी प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत बड़ी संख्या में नागरिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं। ग्रामीण और कमजोर आर्थिक वर्ग के लोगों के लिए बैंक खाता सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है।

जन धन योजना को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प से जोड़ते हुए इसे विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

2014 में हुई थी योजना की शुरुआत

प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 को हुई थी। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार और बैंकिंग सुविधा से वंचित व्यक्ति को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना था।

12 वर्ष पूरे होने के मौके पर योजना की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा गया कि वित्तीय समावेशन के जरिए आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में जन धन योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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