नई दिल्ली/नोएडा। दिल्ली-NCR में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली में इस साल अब तक H1N1 के 2,308 मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। सरकार ने अस्पतालों को पर्याप्त बेड, दवाइयां और अन्य चिकित्सा सुविधाएं तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली में 2,308 H1N1 मामले
दिल्ली सरकार की समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में इस साल अब तक इन्फ्लुएंजा के कुल 3,239 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 2,308 मामले H1N1, 154 H3N2, 554 अन्य इन्फ्लुएंजा-A और 225 इन्फ्लुएंजा-B के बताए गए हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग, MCD, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक में मौजूदा स्थिति और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही है। उनके मुताबिक अस्पतालों में पर्याप्त बेड, डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
अस्पतालों में विशेष वार्ड तैयार
बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में H1N1 मरीजों के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है। लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में सात बेड का विशेष स्वाइन फ्लू वार्ड शुरू किया गया है। इसके अलावा मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में 70 बेड का बैकअप वार्ड भी तैयार रखा गया है, जिसमें ICU और HDU बेड शामिल हैं। जीटीबी अस्पताल में भी अलग बेड की व्यवस्था की गई है।
अस्पतालों को स्वाइन फ्लू के साथ-साथ डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के लिए भी पर्याप्त बेड, एंटीवायरल दवाइयां, जांच किट और जरूरी चिकित्सा संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नोएडा में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर में भी H1N1 संक्रमण को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। 26 अगस्त की एक रिपोर्ट में जिले के स्वास्थ्य विभाग के हवाले से कम से कम 15 लोगों के H1N1 पॉजिटिव होने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार संक्रमित मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं पाए गए हैं। प्रशासन ने निगरानी और जागरूकता अभियान तेज किया है।
वहीं, कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों में नोएडा में संक्रमितों की संख्या 120 तक पहुंचने का दावा किया गया है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर संख्या में बदलाव |
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बुखार, खांसी, गले में खराश, सर्दी-जुकाम, शरीर में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संक्रमण की आशंका होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना, हाथों की नियमित सफाई रखना और बीमारी की स्थिति में दूसरों से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
फिलहाल दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार का कहना है कि अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां मौजूद हैं और लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है।