बागपत 26 अगस्त।। किसानों और आम जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा ने बुधवार को बागपत कलेक्ट्रेट के लोकमंच पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील करते हुए चेतावनी दी कि समाधान नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरने के दौरान किसानों ने सबसे प्रमुख मांग गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की उठाई। किसान नेताओं ने कहा कि खाद, बीज, डीजल, कीटनाशक और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को उनकी फसल का उचित और लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है। साथ ही मलकपुर शुगर मिल से किसानों के गन्ने का भुगतान समय पर कराने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत दो लाख रुपये तक के ऋण माफ करने की मांग रखी गई। किसानों ने आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा फसलों को नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षित और पर्याप्त गौशालाओं की व्यवस्था करने की मांग भी की।
किसानों ने बढ़े हुए घरेलू बिजली बिलों को माफ करने, गलत बिलों में सुधार कराने और बिजली के अतिरिक्त भार को कम करने की मांग उठाई। इसके अलावा बाजार में बिक रहे नकली और घटिया कीटनाशकों व कृषि दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
संगठन ने निजी स्कूलों में फीस, किताबों और ड्रेस के नाम पर कथित मनमानी वसूली पर रोक लगाने की मांग की। किसानों ने भ्रष्टाचार की जांच कराने और ट्रैक्टरों से आरटीओ द्वारा कथित अवैध वसूली बंद कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।
इसके अलावा गढ़ीपुर जवाहरनगर से पुल तक सड़क का मुआवजा, कब्रिस्तान की जमीन का चिन्हांकन और हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा विवाद से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण कराने की मांग की गई।
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों और आम जनता से जुड़े इन मुद्दों का जल्द समाधान होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने मांगों पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होगा।














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