बागपत 26 अगस्त | टटीरी और आसपास के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से निर्माणाधीन टटीरी ओवरब्रिज के आवागमन के लिए खुलने की तारीख तय हो गई है। सोमवार को ओवरब्रिज का निरीक्षण करने पहुंचे बागपत सांसद डा. राजकुमार सांगवान ने रेलवे अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति और ब्रिज खोलने की तारीख की जानकारी ली। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 30 सितंबर को टटीरी ओवरब्रिज को आवागमन के लिए खोला जाएगा।
सांसद डा. राजकुमार सांगवान ने निरीक्षण के दौरान ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय के अनुसार पूरा किया जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। ओवरब्रिज शुरू होने से टटीरी और आसपास के क्षेत्र में आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
रास्ते को लेकर स्थानीय लोगों की बड़ी मांग
निरीक्षण के दौरान सांसद ने नगरवासियों और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की ओर से उठाई गई मांगों को भी रेलवे अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रखा। स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी मांग डीएवी इंटर कॉलेज के गेट पर रास्ता उपलब्ध कराने की है।
इसके अलावा मंडी गेट टटीरी की ओर रास्ता देने और सर्विस रोड का निर्माण कराने की मांग भी रखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज बनने के बाद यदि आसपास के रास्तों की उचित व्यवस्था नहीं हुई तो लोगों को घर, बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
सांसद ने अधिकारियों से कहा कि ओवरब्रिज का निर्माण इस तरह किया जाना चाहिए कि स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्य का उद्देश्य केवल यातायात को सुगम बनाना नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान सांसद और भाकियू पदाधिकारियों में नोकझोंक
ओवरब्रिज निरीक्षण के दौरान रास्ते को लेकर माहौल उस समय गरमा गया, जब डीएवी इंटर कॉलेज गेट पर रास्ता देने और ओवरब्रिज के निर्माण के बाद साइड में बनने वाली दीवार को लेकर सांसद डा. राजकुमार सांगवान और भाकियू जिला प्रवक्ता चौधरी हिम्मत सिंह व कार्यकर्ता अश्वनी मानव के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
दोनों पक्षों ने स्थानीय लोगों की सुविधा को लेकर अपनी-अपनी बात रखी। भाकियू पदाधिकारियों ने स्थानीय लोगों के लिए रास्ते की जरूरत पर जोर दिया, जबकि सांसद की ओर से भी निर्माण कार्य और लोगों की सुविधा को लेकर अपना पक्ष रखा गया।
हालांकि बाद में सांसद ने भरोसा दिलाया कि स्थानीय लोगों और भाकियू की ओर से उठाई गई मांगों को गंभीरता से रेलवे अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से प्रभावित किसानों से मिले सांसद
टटीरी ओवरब्रिज के निरीक्षण के बाद सांसद डा. राजकुमार सांगवान दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों से भी मिले। सांसद किसान नीरज चौधरी के आवास पर पहुंचे और किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
किसानों ने भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़ी समस्याएं सांसद के सामने रखीं। सांसद ने उनकी समस्याओं को सुनने के बाद नियम संगत मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
30 सितंबर का इंतजार
टटीरी ओवरब्रिज के 30 सितंबर को खुलने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में राहत की उम्मीद जगी है। लंबे समय से निर्माण कार्य के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि 30 सितंबर तक ओवरब्रिज पूरी तरह तैयार होकर खुलता है या नहीं और डीएवी गेट, मंडी गेट तथा सर्विस रोड को लेकर उठाई गई मांगों का समाधान किस तरह किया जाता है। स्थानीय लोगों के लिए ओवरब्रिज खुलना राहत की खबर है, लेकिन सुगम और सुरक्षित संपर्क मार्गों की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है।














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