बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के हुए सड़क हादसे में कार सवार 21 वर्षीय एनआरआई युवती शहरा अरोरा की मौत हो गई, जबकि उनका चचेरा भाई आदित्य अरोरा गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर छपरौली चुंगी के पास रविवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार पुलिस लाइन के अस्थायी सफाईकर्मी मनोज (43) की मौत हो गई।
गांगनौली कट के पास ट्रक में पीछे से घुसी कार
दिल्ली के मॉडल टाउन निवासी भारत भूषण अरोरा के अनुसार, उनकी भतीजी शहरा अरोरा जर्मनी में रहती थीं और चीन की एक कंपनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रिएटर के पद पर कार्यरत थीं। करीब एक महीने पहले वह छुट्टी लेकर दिल्ली आई थीं।
सोमवार सुबह करीब चार बजे शहरा अपने चचेरे भाई आदित्य के साथ कार से देहरादून जा रही थीं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गांगनौली कट के पास आगे चल रहे ट्रक के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे चल रही कार ट्रक में जा घुसी।

हादसे में शहरा और आदित्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दोनों घायलों को कार से निकालकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा, लेकिन रास्ते में शहरा की मौत हो गई। आदित्य का दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पांच सितंबर को लौटना था जर्मनी
परिजनों के अनुसार, शहरा अरोरा अपने परिवार की इकलौती बेटी थीं। वह देहरादून घूमने के लिए निकली थीं और पांच सितंबर को वापस जर्मनी जाने वाली थीं। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार से उनका पासपोर्ट भी बरामद हुआ।
पोस्टमार्टम दो चिकित्सकों के पैनल ने किया। रिपोर्ट में दो-तीन पसलियां टूटने और लीवर फटने के अलावा चेहरे और हाथ में चोट की बात सामने आई। इन्हीं चोटों के कारण उनकी मौत होना बताया गया है।
परिजनों ने पुलिस को लिखित रूप से कानूनी कार्रवाई नहीं करने की जानकारी दी है।
अज्ञात वाहन की टक्कर से सफाईकर्मी की मौत

दूसरी घटना रविवार रात दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर छपरौली चुंगी के पास हुई। ट्योढ़ी गांव निवासी संदीप ने बताया कि उनके बड़े भाई मनोज (43) पुलिस लाइन में अस्थायी सफाईकर्मी थे। रविवार शाम वह बाइक से घरेलू सामान खरीदने बड़ौत गए थे।
सामान खरीदकर रात में घर लौटते समय छपरौली चुंगी के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में मनोज गंभीर रूप से घायल हो गए। लोगों ने उन्हें सीएचसी पहुंचाया, जहां से जिला अस्पताल और फिर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेरठ ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
मनोज के परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं। लोकेंद्र की तहरीर पर बड़ौत कोतवाली पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।














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