नई दिल्ली, 24 अगस्त। भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने जापान में होने वाले 2026 एशियन गेम्स के लिए भारतीय टेनिस टीम में खिलाड़ियों की संख्या कम किए जाने के खेल मंत्रालय के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खास तौर पर कई महिला खिलाड़ियों को टीम से बाहर किए जाने पर चिंता जताई है।
ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) ने शुरुआत में छह महिला खिलाड़ियों समेत 12 सदस्यीय टीम का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, अंतिम सूची में केवल सात खिलाड़ियों को जगह मिली है। इनमें महिला वर्ग से अंकिता रैना और रुतुजा भोसले को शामिल किया गया है।
बदली हुई टीम के कारण सहजा यमलापल्ली, वैष्णवी अडकर और वैदेही चौधरी के अलावा प्रार्थना थोम्बरे और मानस धमने भी एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
बोपन्ना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धा करके अपनी रैंकिंग हासिल की है, उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना चाहिए।
बोपन्ना ने लिखा कि इन खिलाड़ियों ने बिना किसी शॉर्टकट या विशेष मदद के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला किया, क्वालीफाई किया और अपनी जगह बनाई है। उन्होंने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि नतीजे पहले ही तय होने हैं तो फिर क्वालीफिकेशन और रैंकिंग का महत्व क्या रह जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मामला केवल पांच खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, इसका संदेश उन माता-पिता और प्रायोजकों तक भी जाता है जिन्होंने खिलाड़ियों के करियर में निवेश किया और उनकी मेहनत तथा प्रदर्शन पर भरोसा किया।
मंत्रालय ने चयन नीति का किया बचाव
दूसरी ओर, खेल मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एशियन गेम्स के लिए खिलाड़ियों का चयन तय पात्रता मानदंडों के आधार पर किया जा रहा है। मंत्रालय ने सितंबर 2025 में घोषित चयन दिशा-निर्देशों का हवाला दिया है।
नीति के अनुसार, मल्टी-स्पोर्ट प्रतियोगिताओं के लिए ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जानी है जिनके पास पदक जीतने का वास्तविक अवसर हो। चयन ट्रायल्स की वीडियोग्राफी और स्वतंत्र पर्यवेक्षक की निगरानी जैसे प्रावधान भी निर्धारित किए गए हैं।
नीति में रैंकिंग आधारित मानदंड भी शामिल है। इसके तहत संबंधित कॉन्टिनेंटल रैंकिंग में शीर्ष छह में रहने वाले खिलाड़ियों को चयन के लिए पात्र माना गया है।
492 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी
खेल मंत्रालय ने अब तक आइची-नागोया एशियन गेम्स के लिए 492 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दी है। एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान में होना है।
भारतीय दल में आगे कुछ और खिलाड़ियों के नाम जुड़ने की संभावना है, जिसके लिए ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नए नाम भी घोषित चयन दिशा-निर्देशों को पूरा करने वाले होने चाहिए।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया पहले ही चयन नीति का बचाव करते हुए कह चुके हैं कि एशियन गेम्स को केवल खिलाड़ियों के लिए एक्सपोजर का मंच नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि भारत को ऐसे खिलाड़ियों को भेजना चाहिए जिनके पास पदक जीतने की मजबूत संभावना हो।
चयन को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
बड़े मल्टी-स्पोर्ट आयोजनों के लिए भारतीय टीम के चयन को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। कई मौकों पर बाहर किए गए खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और कानूनी रास्ता भी अपनाया है।
ऐसे में रोहन बोपन्ना की टिप्पणी के बाद एशियन गेम्स के लिए भारतीय टेनिस टीम का चयन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि चयनित खिलाड़ियों और बाहर किए गए खिलाड़ियों को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है।














Leave a Reply