कन्नौज, 22 अगस्त। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में शुक्रवार देर शाम कांवड़ यात्रा को रोके जाने के बाद विवाद बढ़ गया। बोर्डिंग मैदान के मुख्य गेट पर डीजे और बड़ी कांवड़ के प्रवेश पर रोक लगाए जाने से नाराज कांवड़ियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। अपर जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से खेद जताते हुए माफी मांगी। वहीं, विरोध के बीच सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने अपना इस्तीफा दे दिया।
डीजे और बड़ी कांवड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलग्राम क्षेत्र से बड़ी संख्या में कांवड़िए डीजे और विशाल कांवड़ के साथ बाबा गौरी शंकर मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए कन्नौज पहुंचे थे। जब कांवड़ियों का जत्था बोर्डिंग मैदान के मुख्य गेट पर पहुंचा तो पुलिस ने डीजे और बड़ी कांवड़ के प्रवेश को लेकर उन्हें रोक दिया।
इसको लेकर कांवड़ियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस पर अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप
कांवड़ियों ने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। बिलग्राम निवासी कांवड़िया हिमांशु के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
इन आरोपों के बाद श्रद्धालुओं का गुस्सा और बढ़ गया। कांवड़ियों ने सदर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मौके पर धरना शुरू कर दिया।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
विवाद बढ़ने की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार और क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांवड़ियों से बातचीत कर उन्हें समझाने और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
हालांकि, कांवड़िए कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि पूरे मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ADM ने कांवड़ियों से मांगी माफी
कई घंटे तक चले गतिरोध के बाद अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कांवड़ियों से बातचीत की और पूरे घटनाक्रम पर खेद जताया।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी।
विरोध के बीच सदर कोतवाल ने दिया इस्तीफा
इसी दौरान कांवड़ियों ने सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी। प्रदर्शनकारियों की ओर से कोतवाल को निलंबित करने की मांग की जा रही थी।
विरोध बढ़ने के बीच सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। कोतवाल के इस्तीफे के बाद प्रशासन और कांवड़ियों के बीच सहमति बनी और गतिरोध खत्म होने की दिशा में रास्ता साफ हुआ।
रात 10:15 बजे मंदिर के लिए रवाना हुए कांवड़िए
घंटों चले हंगामे और बातचीत के बाद रात करीब 10:15 बजे कांवड़ियों का जत्था बाबा गौरी शंकर मंदिर के लिए रवाना हुआ।
कांवड़िए मंदिर पहुंचे और वहां जलाभिषेक किया। इसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
कई घंटे तक बनी रही तनाव की स्थिति
कांवड़ यात्रा रोके जाने के बाद शुरू हुआ विवाद कई घंटे तक चलता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने के कारण प्रशासन और पुलिस के लिए स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण रहा।
अधिकारियों की बातचीत, प्रशासन की ओर से खेद जताए जाने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। कांवड़ियों के मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।














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