अमेठी स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय में छात्र संख्या 111 से बढ़कर 352 हुई। Boeing, Rolls-Royce, HAL और IITs समेत 54 संस्थानों से साझेदारी।

अमेठी, 21 अगस्त। भारत के पहले और एकमात्र केंद्रीय विमानन विश्वविद्यालय राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (RGNAU) ने एयरोस्पेस और विमानन शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विस्तार दर्ज किया है। विश्वविद्यालय में पिछले दो वर्षों में छात्र संख्या तीन गुना से अधिक बढ़ी है। साथ ही विश्वविद्यालय ने Boeing, Rolls-Royce, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अमेरिका की Purdue University समेत 54 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शोध और शैक्षणिक साझेदारी की है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भुवनाथ सिंह ने शुक्रवार को उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा, शोध, अवसंरचना और उद्योग सहयोग के क्षेत्र में लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ‘विकसित भारत-2047’ की परिकल्पना के अनुरूप देश के विमानन क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के साथ शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है।

111 से बढ़कर 352 हुई छात्र संख्या

प्रो. सिंह के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2024-25 में विश्वविद्यालय में 111 विद्यार्थी थे, जिनकी संख्या वर्तमान में बढ़कर 352 हो गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है।

विश्वविद्यालय में पांच स्कूलों—अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी, विमानन विज्ञान, प्रबंधन, मूल विज्ञान एवं मानविकी तथा उन्नत एवं अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी—के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें B.Tech, M.Tech, B.Sc, BBA, BMS, MBA और PhD कार्यक्रम शामिल हैं। ड्रोन प्रौद्योगिकी और बुनियादी अग्निशमन से जुड़े कौशल आधारित पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों में PhD कार्यक्रम शुरू किए जा चुके हैं।

शोध और शिक्षण स्टाफ में भी हुआ विस्तार

विश्वविद्यालय में अब तक 31 शोध प्रकाशन हुए हैं। इनमें 15 शोध-पत्रिका लेख, 12 सम्मेलन पत्र, तीन पुस्तक अध्याय और एक पेटेंट शामिल हैं।

शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में शिक्षण स्टाफ की संख्या शून्य थी, जो अब बढ़कर 37 हो गई है। इनमें 24 नियमित और 13 संविदात्मक शिक्षक शामिल हैं। उद्योग और अकादमिक जगत से जुड़े सहायक प्रोफेसरों तथा प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस को इस संख्या में शामिल नहीं किया गया है।

गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ी है। वर्तमान में 51 नियमित और 10 संविदात्मक कर्मचारी कार्यरत हैं।

Boeing, Rolls-Royce और IITs समेत 54 संस्थानों से साझेदारी

RGNAU ने अब तक 54 संस्थानों के साथ साझेदारी की है। इनमें 41 शोध सहयोग और 13 समझौता ज्ञापन (MoU) शामिल हैं।

साझेदार संस्थानों में Rolls-Royce, Boeing Group, HAL, GMR Aviation Academy, Indian MRO Association, Purdue University (अमेरिका), Korea Aerospace University (दक्षिण कोरिया) तथा IIT Ropar, IIT Bhilai, IIT Patna और IIT BHU शामिल हैं।

संबद्ध संस्थानों में भी विमानन पाठ्यक्रम

विश्वविद्यालय से संबद्ध इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, फुरसतगंज में Commercial Pilot Licence (CPL) कैडेट्स के लिए विमानन में B.Sc और Aircraft Maintenance Engineering (AME) कैडेट्स के लिए B.Sc पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में कुल 150 सीटें हैं।

केरल स्थित URBX College of Aviation भी विश्वविद्यालय से संबद्ध है। यहां Aviation Services एवं Air Cargo में BMS तथा Aviation Logistic Management में MBA पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनकी कुल प्रवेश क्षमता 120 सीट है।

इसके अलावा Combat Army Aviation Training School, नासिक में भारतीय सेना के अधिकारियों और कर्मियों के लिए Airport Operations एवं Management में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है।

नई प्रयोगशालाएं और बुनियादी ढांचे का विस्तार

विश्वविद्यालय में वर्ष 2025 के दौरान Electronics Lab, Electrical Lab, Wind Tunnel Lab, Aircraft Structure Laboratory और नया पुस्तकालय स्थापित किया गया।

नया छात्रावास, संकाय आवास और नया सभागार निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा 500 एकड़ के प्रस्तावित हरित परिसर, Aviation Excellence Centre तथा Smart Drone एवं UAV Lab की स्थापना पर भी काम चल रहा है। एक Aerospace Academic Facility Centre भी प्रस्तावित है।

प्रशासनिक स्तर पर विश्वविद्यालय ने शिकायत निवारण समितियां, Anti-Ragging Cell और Research Board समेत विभिन्न संस्थागत व्यवस्थाएं स्थापित की हैं। बौद्धिक संपदा अधिकार एवं शोध नीति, कैरियर विकास, कार्यकारी कार्यक्रम और परामर्श सेवाओं से जुड़े प्रावधान भी संस्थागत ढांचे में शामिल किए गए हैं।

प्रो. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति आठ रणनीतिक स्तंभों—लचीले शैक्षणिक कार्यक्रम, नवोन्मेषी शोध एवं विकास, गुणवत्तापूर्ण संकाय एवं स्टाफ, सहयोग एवं शोध साझेदारी, जनसंपर्क एवं प्रसार, विश्वस्तरीय अवसंरचना, कुशल प्रशासन और उत्कृष्टता की संहिता—पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि RGNAU को विमानन एवं वैमानिकी क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विश्वविद्यालय लगातार प्रयास कर रहा है।

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